नेशनल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में अर्जुन पुरस्कार, यूथ ओलंपिक, विश्व कुश्ती सहित कई ख्याति लब्ध हरियाणा की पहलवान पूजा ढांडा को काशी की बेटी पूजा यादव ने पटखनी देकर कांस्य पदक जीता। भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित चैंपियनशिप में पूजा के अलावा छोटी पियरी के रहने वाले रोहित यादव और खोजवां निवासी उनकी भांजी मानसी यादव ने भी कांस्य पदक जीता।
मामा-भांजी की जोड़ी ने पहली बार नेशनल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में एक साथ हिस्सा लेकर पदक जीता। प्रतियोगिता में बनारस के कुल चार पहलवानों ने हिस्सा लिया था जिनमें से तीन ने पदक जीता। वाराणसी जिला कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव गोरख यादव ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि कुश्ती के इतिहास में पहली बार हुआ है जब मामा-भांजी की जोड़ी ने राष्ट्रीय स्तर की सीनियर वर्ग में एक साथ हिस्सा लेकर पदक जीता। इनके अलावा भट्ठी गांव की पूजा ने भी बड़ी सफलता पाई। पूजा ने हरियाणा के हिसार जिले की अंतरराष्ट्रीय पहलवान को पटखनी देकर पदक हासिल किया।
मंडुआडीह स्टेशन पर टिकट निरीक्षक पद पर तैनात रोहित ने फोन पर बताया कि अभी तक छह बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। पहली बार भारतीय रेलवे की ओर से मैने अपनी भांजी के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
मेरी भांजी मानसी ने यूपी टीम की तरफ से और मैने रेलवे की ओर से खेलते हुए पदक जीता है। मानसी पांच बार सब जूनियर और जूनियर वर्ग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है। किसान की बेटी पूजा ने बताया कि ख्याति लब्ध पहलवान को पटखनी देकर काफी उत्साह है।
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नेशनल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में अर्जुन पुरस्कार, यूथ ओलंपिक, विश्व कुश्ती सहित कई ख्याति लब्ध हरियाणा की पहलवान पूजा ढांडा को काशी की बेटी पूजा यादव ने पटखनी देकर कांस्य पदक जीता। भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित चैंपियनशिप में पूजा के अलावा छोटी पियरी के रहने वाले रोहित यादव और खोजवां निवासी उनकी भांजी मानसी यादव ने भी कांस्य पदक जीता।
मामा-भांजी की जोड़ी ने पहली बार नेशनल सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में एक साथ हिस्सा लेकर पदक जीता। प्रतियोगिता में बनारस के कुल चार पहलवानों ने हिस्सा लिया था जिनमें से तीन ने पदक जीता। वाराणसी जिला कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव गोरख यादव ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि कुश्ती के इतिहास में पहली बार हुआ है जब मामा-भांजी की जोड़ी ने राष्ट्रीय स्तर की सीनियर वर्ग में एक साथ हिस्सा लेकर पदक जीता। इनके अलावा भट्ठी गांव की पूजा ने भी बड़ी सफलता पाई। पूजा ने हरियाणा के हिसार जिले की अंतरराष्ट्रीय पहलवान को पटखनी देकर पदक हासिल किया।