कोरोना अपडेट: जम्मू कश्मीर में कोविड परीक्षण सुविधाएं करें सक्रिय, बुजुर्गों को बूस्टर खुराक देने के निर्देश

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जम्मू में कोरोना टेस्ट।

जम्मू में कोरोना टेस्ट।
– फोटो : एएनआई

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कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रदेश मुख्य सचिव ने दावा किया है कि जम्मू कश्मीर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। श्रीनगर और जम्मू दोनों ही शहरों में पर्याप्त बंदोबस्त हैं। यहां तक कि अभी जम्मू कश्मीर में कोई मामला भी सामने नहीं आया है।

मुख्य सचिव ने कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव, जीएमसी जम्मू और श्रीनगर के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव डॉ. अरुण मेहता ने सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एहतियाती उपाय करने के लिए कहा ताकि प्रशासन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे।

सभी कोविड परीक्षण सुविधाओं को सक्रिय करने के लिए कहा गया। लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने पर जोर दिया गया, ताकि बिना मतलब के डर से बचाया जा सके।  सभी सुविधाओं का नए सिरे से आकलन करने पर भी जोर दिया, ताकि उनकी परिचालन तत्परता की जांच की जा सके।

पहले से ही दवाओं और अन्य सामानों का जायजा लेने को कहा ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को बेहतर सेवा दी जा सके। उन्होंने विभाग से बुजुर्गों जैसे कमजोर समूहों को बूस्टर खुराक देने को कहा।  सभी की सुरक्षा के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं में कोविड से संबंधित कोई बेड नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की परीक्षण क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए 6800 मशीनें भी खरीदी जा रही हैं।

जल्द स्थापित होंगी लैब, प्रदेश में 20 हजार आइसोलेट बेड उपलब्ध

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दावा किया है कि बेहतर निगरानी और मूल्यांकन के लिए शीघ्र ही जम्मू और श्रीनगर दोनों शहरों में जीनोम अनुक्रमण लैब स्थापित की जा रही है। यहां पर हर एक जीनोम पॉजिटिव का सैंपल भेजा जाएगा। साथ ही विदेश से आने वाले लोगों के टेस्ट भी किए जा रहे हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति और तैयारियों के बारे में भी अपने सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि इस बार वायरस इतना घातक नहीं है, हालांकि प्रसार तेज हो सकता है। उन्होंने लोगों को केवल सावधानी बरतने की सलाह दी ताकि वे खुद के साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकें।

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि जम्मू कश्मीर में 20 हजार बेड आइसोलेशन के तौर पर उपलब्ध हैं। 717 आईसीयू, 1320 वेटिलेंटर, 5469 ऑक्सीजन बेड मौजूद हैं, जबकि 154 प्लांट पर 1,12,366 एलपीएम ऑक्सीजन क्षमता उपलब्ध है। हमारे पास 4 सीबीएनएएटी, 15 टीआरयूईएनएटी लैब भी हैं।

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कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रदेश मुख्य सचिव ने दावा किया है कि जम्मू कश्मीर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। श्रीनगर और जम्मू दोनों ही शहरों में पर्याप्त बंदोबस्त हैं। यहां तक कि अभी जम्मू कश्मीर में कोई मामला भी सामने नहीं आया है।

मुख्य सचिव ने कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव, जीएमसी जम्मू और श्रीनगर के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव डॉ. अरुण मेहता ने सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एहतियाती उपाय करने के लिए कहा ताकि प्रशासन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे।

सभी कोविड परीक्षण सुविधाओं को सक्रिय करने के लिए कहा गया। लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने पर जोर दिया गया, ताकि बिना मतलब के डर से बचाया जा सके।  सभी सुविधाओं का नए सिरे से आकलन करने पर भी जोर दिया, ताकि उनकी परिचालन तत्परता की जांच की जा सके।

पहले से ही दवाओं और अन्य सामानों का जायजा लेने को कहा ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को बेहतर सेवा दी जा सके। उन्होंने विभाग से बुजुर्गों जैसे कमजोर समूहों को बूस्टर खुराक देने को कहा।  सभी की सुरक्षा के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं में कोविड से संबंधित कोई बेड नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की परीक्षण क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए 6800 मशीनें भी खरीदी जा रही हैं।

जल्द स्थापित होंगी लैब, प्रदेश में 20 हजार आइसोलेट बेड उपलब्ध

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दावा किया है कि बेहतर निगरानी और मूल्यांकन के लिए शीघ्र ही जम्मू और श्रीनगर दोनों शहरों में जीनोम अनुक्रमण लैब स्थापित की जा रही है। यहां पर हर एक जीनोम पॉजिटिव का सैंपल भेजा जाएगा। साथ ही विदेश से आने वाले लोगों के टेस्ट भी किए जा रहे हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति और तैयारियों के बारे में भी अपने सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि इस बार वायरस इतना घातक नहीं है, हालांकि प्रसार तेज हो सकता है। उन्होंने लोगों को केवल सावधानी बरतने की सलाह दी ताकि वे खुद के साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकें।

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि जम्मू कश्मीर में 20 हजार बेड आइसोलेशन के तौर पर उपलब्ध हैं। 717 आईसीयू, 1320 वेटिलेंटर, 5469 ऑक्सीजन बेड मौजूद हैं, जबकि 154 प्लांट पर 1,12,366 एलपीएम ऑक्सीजन क्षमता उपलब्ध है। हमारे पास 4 सीबीएनएएटी, 15 टीआरयूईएनएटी लैब भी हैं।



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