Divya Murder Case: लिव इन पार्टनर को मारने के बाद रमन ने माता-पिता को बताया था मौसा-मौसी, सामने आया बड़ा सच

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गाजायिबाद की दिव्या उपाध्याय की हत्या के मामले में हिमाचल पुलिस दिव्या की मां बिट्टो और उसके पिता उमेश का डीएनए टेस्ट करा सकती है। हालांकि डीएनए जांच के लिए दोनों को तीन-चार दिन पहले बताया जाएगा। आरोपी रमन ने पुलिस पूछताछ में उन्हें दिव्या की मौसी व मौसा बताया था। वहीं, इंदिरापुरम पुलिस अपने यहां दर्ज मुकदमे में 10 दिन के अंदर हिमाचल पुलिस से वार्ता कर फाइनल रिपोर्ट लगा देगी जिसे कोर्ट में जमा किया जाएगा। दिव्या के पिता उमेश ने बताया कि बेटी की हत्या के बाद रमन सात महीने तक ससुराल में लोगों को बहकाता रहा। उसके परिवार के लोग भी दिव्या के गायब होने का बहाना बनाते रहे। उनका आरोप है कि इंदिरापुरम पुलिस यदि 22 मई को शिकायत का संज्ञान लेकर वसुंधरा में फ्लैट के आसपास सीसीटीवी फुटेज चेक करती तो उन्हें आरोपियों के खिलाफ सुराग मिल जाता लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।

एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी रमन को दो-तीन दिन पूर्व गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था। इंदिरापुरम थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है।

इसमें हिमाचल पुलिस से वार्ता करने के बाद फाइनल रिपोर्ट लगाई जाएगी। इस रिपोर्ट को कोर्ट में जमा किया जाएगा। आपको बता दें कि गाजियाबाद के वसुंधरा के भोपुरा में गाड़ी सर्विस का गैराज चलाने वाले रमन ने अपनी लिव इन पार्टनर दिव्या (35) की धोखे से कुल्लू ले जाकर कार में चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया था। 

 

पुलिस और दिव्या के परिजनों को गुमराह करने के लिए उसने न केवल इंदिरापुरम थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई बल्कि सात महीने तक उसे तलाश करने का नाटक भी करता रहा। 

 

पुलिस का कहना है कि उसके बदलते बयानों से दिव्या की मां बिट्टो को शक होने पर उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसकी साजिश से पर्दा उठ गया।

 



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