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उच्च स्तरीय बैठक
– फोटो : एजेंसी
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख की सुरक्षा व्यवस्था को ले कर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में इन सर्दियों के दौरान कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के सफाए की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में प्रवासी मजदूरों और कश्मीर पंडितों की लक्षित हत्या (टार्गेट कीलिंग) से निपटने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब सुरक्षा बलों ने बुधवार को ही सिद्धड़ा इलाके में भारी हथियारों से लैस चार आतंकवादियों को मार गिराया।
सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में सर्दियों के दौरान घाटी में आतंकवादियों के सफाए पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राज्य सरकार ने केंद्र की चिंताओं से जुड़े इन मुद्दों पर अपनी रणनीति से शाह को अवगत कराया। इस दौरान शाह ने निर्देश दिया कि लक्षित हत्याओं और सर्दियां खत्म होने के बाद सीमा पार से आतंकियों के घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी ताकत लगाई जाए।
लक्षित हत्या और कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में सबसे अधिक प्रवासी मजदूरों की लक्षित हत्या (टार्गेट कीलिंग) और कश्मीर पंडितों की सुरक्षा पर बेहद अहम चर्चा हुई। प्रवासी मजदूरों को आतंकियों का निशाना बनाए जाने से रोकने के लिए अब तक के प्रयासों और भविष्य की तैयारियों का भी लेखा जोखा बैठक में रखा गया। इसी तरह कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों को आतंकी हमलों से बचाने के लिए विस्तृत रणनीति पर भी व्यापक बातचीत की गई। राज्य सरकार की ओर से कश्मीरी पंडितों पर हमला रोकने और प्रवासी मजदूरों की रक्षा के संबंध में तैयार की गई रणनीति से गृह मंत्री को अवगत कराया गया।
हर हाल में दी जाए प्रवासी मजदूरों और कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा
सूत्रों ने बताया कि बैठक में शाह ने खास तौर पर लक्षित हत्याओं को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद आतंकवादी जम्मू-कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाना चाहते हैं। इसी के मद्देनजर घाटी में प्रवासी मजदूरों और कश्मीरी पंडितों पर हमले की संख्या बढ़ी है। सीमा पार की साजिश को नाकाम करने के लिए उन्हें इन्हीं दो मोर्चे पर जवाब देने की जरूरत है। जरूरत इस बात की है कि भविष्य में कश्मीर पंडितों और प्रवासी मजदूरों के जानमाल की सुरक्षा हर हाल में की जाए।
घाटी को आतंकवादी मुक्त करने पर जोर
सूत्रों ने बताया कि योजना सर्दियों के दौरान घाटी में आतंकवादियों के सफाए और सर्दी खत्म होने के बाद सीमा पार से घुसपैठ रोकने की है। ऐसे में बैठक में सर्दियों के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ चलने वाले सुरक्षा बलों के ऑपरेशन और सर्दियों के बाद घुसपैठ रोकने की तैयारी पर विस्तार से चर्चा हुई। इस क्रम में सीमा पार से ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की तैयारियों पर बातचीत हुई।
बैठक में ये थे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, एनआईए, आईबी के प्रमुख, सीआरपीएफ के डीजी, राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव मौजूद थे। बैठक के दौरान राज्य सरकार की ओर से केंद्र की चिंताओं से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान शाह ने राज्य में जारी विकास परियोजनाओं की स्थिति और इसकी राह ही अड़चनों की भी जानकारी ली।
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