जिला प्रोबेशन अधिकारी कौशांबी, राजनाथ राम। – फोटो : अमर उजाला।
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सहकर्मी महिला के छेड़छाड़ के आरोपी कौशांबी के जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की संस्तुति पर शासन ने कार्रवाई की है। आरोपी डीपीओ के खिलाफ पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
डीपीओ का महिलाकर्मी से छेड़छाड़ का वीडियो हुआ था वायरल
विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन दफ्तर में महिला कर्मचारी से अश्लील हरकत करने का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। डीपीओ की हरकत का वीडियो सामने आने के बाद डीएम सुजीत कुमार ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया था। साथ ही शासन को पत्र भेजकर आरोपी अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
कौशाम्बी में महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में महिलाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं। इसकी पुष्टि सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो से हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दफ्तर में अपनी कुर्सी पर बैठे डीपीओ राजनाथ राम के सामने एक महिला कर्मचारी विभागीय पत्रावली लेकर पहुंचती है।
पत्रावली में हस्ताक्षर करने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी महिलाकर्मी को बैड टच कर रहे हैं। हालांकि महिलाकर्मी इसका विरोध करती भी दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई है।
विस्तार
सहकर्मी महिला के छेड़छाड़ के आरोपी कौशांबी के जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की संस्तुति पर शासन ने कार्रवाई की है। आरोपी डीपीओ के खिलाफ पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
डीपीओ का महिलाकर्मी से छेड़छाड़ का वीडियो हुआ था वायरल
विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन दफ्तर में महिला कर्मचारी से अश्लील हरकत करने का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। डीपीओ की हरकत का वीडियो सामने आने के बाद डीएम सुजीत कुमार ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया था। साथ ही शासन को पत्र भेजकर आरोपी अफसर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
कौशाम्बी में महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में महिलाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं। इसकी पुष्टि सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो से हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दफ्तर में अपनी कुर्सी पर बैठे डीपीओ राजनाथ राम के सामने एक महिला कर्मचारी विभागीय पत्रावली लेकर पहुंचती है।