Delhi : दिल्ली की अदालत की टिप्पणी- दहेज हत्या के अपराधों में नरमी बरतना न्याय का हनन

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दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि दहेज हत्या के अपराधों में नरमी बरतने का अर्थ न्याय का हनन करना है। अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति अमरजीत को दोषी ठहराते हुए यह टिप्पणी की। अदालत अमरजीत के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिस पर 5 अक्टूबर, 2017 को अपनी पत्नी का गला घोंटने का आरोप था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने दिसंबर 2012 में पीड़िता से शादी की और उसके बाद दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने लगा। अदालत ने कहा, अभियोजन अभियुक्त अमरजीत के खिलाफ धारा 498-ए (पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता करना) 304-बी (दहेज हत्या) और 302 (हत्या) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। 

दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि दहेज हत्या के अपराधों में नरमी बरतने का अर्थ न्याय का हनन करना है। अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति अमरजीत को दोषी ठहराते हुए यह टिप्पणी की। अदालत अमरजीत के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिस पर 5 अक्टूबर, 2017 को अपनी पत्नी का गला घोंटने का आरोप था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने दिसंबर 2012 में पीड़िता से शादी की और उसके बाद दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने लगा। अदालत ने कहा, अभियोजन अभियुक्त अमरजीत के खिलाफ धारा 498-ए (पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता करना) 304-बी (दहेज हत्या) और 302 (हत्या) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। 



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