जम्मू कश्मीर: सिद्दड़ा मुठभेड़ के 36 घंटे बाद भी अनसुलझे सवाल सामने, आखिरकार ट्रक और आतंकी कहां से आए

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सिद्दड़ा मुठभेड़ में जला ट्रक

सिद्दड़ा मुठभेड़ में जला ट्रक
– फोटो : अमर उजाला

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सिद्दड़ा मुठभेड़ को खत्म हुए 36 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी इस मामले में कई अनसुलझे सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिल पाए हैं। बीएसएफ का कहना है कि सीमा पर कहीं भी तारबंदी नहीं कटी है। न ही किसी जगह पर अभी तक टनल मिली है।

पुलिस के पास इसकी जानकारी नहीं है कि ट्रक कहां से आया था, क्योंकि इसका चेसी नंबर, इंजन नंबर, नंबर प्लेट मिटा दी गई थी। अब सवाल उठता है कि यह ट्रक सिद्दड़ा तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने हालांकि ट्रक का पता लगाने के लिए सांबा से लेकर सिद्दड़ा तक करीब 500 सीसीटीवी के फुटेज खंगाले है। 

अभी तक ट्रक के रूट की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि ट्रक के भीतर जो ठिकाना बनाया गया था, उसे काफी आराम और वक्त लेकर बनाया गया था, क्योंकि ट्रक के भीतर जो भूसा था उसे खुले में ही रखा गया था, जबकि आतंकियों का ठिकाना बोरियों में बंद गेहूं के चूरे से बना हुआ था।

बोरियों को चारों तरफ से भूसे से कवर कर लिया गया था। इस तरह का ठिकाना तैयार करने में काफी वक्त लगाया गया। एसएसपी जम्मू चंदन कोहली का कहना है कि आरोपी चालक को पकड़ने के लिए कई जगहों पर सर्च की जा रही है।

ट्रक के जल जाने और इसके चेसी नंबर, इंजन नंबर को रगड़ने और नंबर प्लेट के बदले जाने की वजह से ट्रक का मूल पता नहीं चल पा रहा है। कोशिश है कि जल्द ही इसका पता लगा लिया जाएगा।

विस्तार

सिद्दड़ा मुठभेड़ को खत्म हुए 36 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी इस मामले में कई अनसुलझे सवाल हैं, जिनके जवाब नहीं मिल पाए हैं। बीएसएफ का कहना है कि सीमा पर कहीं भी तारबंदी नहीं कटी है। न ही किसी जगह पर अभी तक टनल मिली है।

पुलिस के पास इसकी जानकारी नहीं है कि ट्रक कहां से आया था, क्योंकि इसका चेसी नंबर, इंजन नंबर, नंबर प्लेट मिटा दी गई थी। अब सवाल उठता है कि यह ट्रक सिद्दड़ा तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने हालांकि ट्रक का पता लगाने के लिए सांबा से लेकर सिद्दड़ा तक करीब 500 सीसीटीवी के फुटेज खंगाले है। 

अभी तक ट्रक के रूट की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि ट्रक के भीतर जो ठिकाना बनाया गया था, उसे काफी आराम और वक्त लेकर बनाया गया था, क्योंकि ट्रक के भीतर जो भूसा था उसे खुले में ही रखा गया था, जबकि आतंकियों का ठिकाना बोरियों में बंद गेहूं के चूरे से बना हुआ था।

बोरियों को चारों तरफ से भूसे से कवर कर लिया गया था। इस तरह का ठिकाना तैयार करने में काफी वक्त लगाया गया। एसएसपी जम्मू चंदन कोहली का कहना है कि आरोपी चालक को पकड़ने के लिए कई जगहों पर सर्च की जा रही है।

ट्रक के जल जाने और इसके चेसी नंबर, इंजन नंबर को रगड़ने और नंबर प्लेट के बदले जाने की वजह से ट्रक का मूल पता नहीं चल पा रहा है। कोशिश है कि जल्द ही इसका पता लगा लिया जाएगा।



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