Delhi : इस्त्राइल की मदद से सीवेज सिस्टम होगा विश्वस्तरीय, विदेशी विशेषज्ञों संग ऑनलाइन बैठक

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दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग

दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग
– फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली में सीवरेज सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाने, तीनों लैंडफिल साइट को खत्म करने और कूड़े के बेहतर निस्तारण के लिए आप सरकार ने दुनिया की आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस्त्राइल के ठोस कचरा प्रबंधन के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। 

बैठक में विशेषज्ञों ने सीवेज ट्रीटमेंट, लैंडफिल साइट को खत्म करने और कूड़े के निस्तारण को लेकर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इस्त्राइल में 95 फीसदी सीवेज के पानी का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही सीवेज से निकली गाद की खाद बनाकर कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। सौरभ भारद्वाज ने इन सिस्टम में रुचि दिखाई। साथ ही अगली बैठक में और जानकारी मांगी। इसी संबंध में बैठक का आयोजन हुआ। 

खत्म होंगे कूड़े के पहाड़ 
विशेषज्ञ ने बताया कि इस्त्राइल में कूड़ा सीधे लैंडफिल साइट पर नहीं डाला जाता। यहां वेस्ट को सबसे पहले लोगों के घरों और उद्योगों से इकठ्ठा किया जाता हैं। वेस्ट को इकट्ठा करने के बाद उसको अलग-अलग किया जाता हैं। वेस्ट के सेग्रिगेशन के लिए प्लांट बनाए गए हैं। इन प्लांट्स में सबसे पहले ऑर्गेनिक कूड़े को अलग किया जाता हैं। इसके बाद कूड़े में से ग्लास, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसे तत्वों को चरणों में अलग किया जाता हैं। प्लास्टिक और वेस्ट से बिजली पैदा करने के प्लांट लगाकर कूड़े का बेहतर निस्तारण किया जाता है।

विस्तार

दिल्ली में सीवरेज सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाने, तीनों लैंडफिल साइट को खत्म करने और कूड़े के बेहतर निस्तारण के लिए आप सरकार ने दुनिया की आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस्त्राइल के ठोस कचरा प्रबंधन के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। 

बैठक में विशेषज्ञों ने सीवेज ट्रीटमेंट, लैंडफिल साइट को खत्म करने और कूड़े के निस्तारण को लेकर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इस्त्राइल में 95 फीसदी सीवेज के पानी का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही सीवेज से निकली गाद की खाद बनाकर कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। सौरभ भारद्वाज ने इन सिस्टम में रुचि दिखाई। साथ ही अगली बैठक में और जानकारी मांगी। इसी संबंध में बैठक का आयोजन हुआ। 

खत्म होंगे कूड़े के पहाड़ 

विशेषज्ञ ने बताया कि इस्त्राइल में कूड़ा सीधे लैंडफिल साइट पर नहीं डाला जाता। यहां वेस्ट को सबसे पहले लोगों के घरों और उद्योगों से इकठ्ठा किया जाता हैं। वेस्ट को इकट्ठा करने के बाद उसको अलग-अलग किया जाता हैं। वेस्ट के सेग्रिगेशन के लिए प्लांट बनाए गए हैं। इन प्लांट्स में सबसे पहले ऑर्गेनिक कूड़े को अलग किया जाता हैं। इसके बाद कूड़े में से ग्लास, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसे तत्वों को चरणों में अलग किया जाता हैं। प्लास्टिक और वेस्ट से बिजली पैदा करने के प्लांट लगाकर कूड़े का बेहतर निस्तारण किया जाता है।



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