[ad_1]
उन्होंने बताया कि खबर मिलते ही वो आननफानन अस्पताल पहुंचते तो पता चला कि ऋषभ को देहरादून रेफर कर दिया गया है। उन्होंने डॉक्टर से बात की तो बताया कि सब ठीक है। इसके बाद उन्होंने चैन की सांस ली। अमर उजाला से बातचीत में कोच अवतार सिंह ने फोन पर बताया कि रुड़की से लेकर देशभर के ऋषभ के प्रशंसक उनके जल्द सही होने की दुआ कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें हादसे की सूचना मिली वह बिना कुछ सोचे-समझे परिवार के सदस्यों को बिना बताए बाइक लेकर सक्षम हॉस्पिटल पहुंचे और ऋषभ के बारे में जानकारी ली। वहां पता चला कि ऋषभ को गंभीर हालत में देहरादून रेफर किया गया है।
रेफर किए जाने की बात सुनकर उनका दिल भर आया। इसके बाद भी उनका दिल नहीं माना तो उन्होंने डॉ. सुशील नागर से मुलाकात की। डॉक्टर ने बताया कि पंत की पीठ, चेहरे और पैर में चोटें आईं हैं।
घबराने वाली कोई बात नहीं है। वो खतरे से बाहर है। डॉक्टर की यह बात सुनकर उनके दिल को सुकून आया और उन्होंने राहत की सांस ली। आखिर में भावुक होकर उन्होंने कहा कि गुरु महाराज की कृपा से ही ऋषभ की जान बच गई।
एक सवाल के जवाब अवतार सिंह ने कहा कि श्रीलंका टीम के साथ होने वाली सीरीज में चयन न होने पर ऋषभ किसी टेंशन में नहीं था। कुछ लोग फालतू की बात कर रहे हैं। ऋषभ कभी इन चीजों को दिल पर नहीं लेता। वह एक मजबूत खिलाड़ी है और जल्दी स्वस्थ होकर मैदान में अपने आलोचकों का मुंह बंद करेगा और जल्द ही गुरु महाराज की कृपा से टीम इंडिया का कप्तान भी बनेगा।
[ad_2]
Source link