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हादसे की खबर लगने पर पंत को देखने के लिए उनकी बहन साक्षी लंदन से देहरादून पहुंचीं और भाई का हाल जाना। उन्होंने कहा कि वे इस सूचना के बाद से काफी घबरा गई थीं। वीडियो कॉल पर भाई से बातचीत की। इसके बावजूद उन्हें तसल्ली नहीं हो रही थी।
पूरी रात परिजनों से अपडेट लेती रहीं। भाई से मिलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। पंत की मौसी सुनीता जोशी भी लखनऊ से फ्लाइट से दून पहुंचीं। उन्होंने कहा कि ऋषभ सुबह इसलिए जल्दी निकले थे कि जाम में न फंसें। वे नए साल को अपने परिवार के साथ यादगार बनाना चाहते थे।
वहीं, डाक्टरों का कहना है कि दुर्घटना में घायल ऋषभ पंत को घुटने में लगी चोट से उबरने में अभी करीब दो महीने का समय लग सकता है। दुर्घटना के बाद हुई प्रारंभिक जांच में दाएं घुटने में चार में से तीन लिगामेंट्स (घुटने की हड्डियों को जोड़कर रखने वाला मांस) टूट गए हैं।
साथ ही खून जमा होने से एमआरआई और ऑथोस्कोपिक सर्जरी में भी समय लग सकता है। शुक्रवार सुबह क्रिकेटर ऋषभ पंत को दुर्घटना के बाद रुड़की के सक्षम हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सक डॉ. सुशील नागर ने उनकी जांच की थी। उन्होंने बताया कि उनके घुटने में लगी चोट की जांच की गई थी।
पंत को मैक्स अस्पताल से नई दिल्ली और मुंबई ले जाए जाने के सवाल पर अस्पताल से जुड़े एक विशेषज्ञ ने कहा कि फिलहाल क्रिकेटर पंत के इलाज को लेकर अस्पताल में सारी सुविधाएं हैं। ऐसे में उन्हें नई दिल्ली या मुंबई के बड़े अस्पतालों में ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस संबंध में अंतिम निर्णय बीसीसीआई की ओर से ही लिया जाएगा। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारसन के पास 30 दिसंबर को सड़क दुर्घटना में घायल भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत की हालत फिलहाल स्थिर है।
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