अलाव-कंबल के लिए ऐसा किसी ने नहीं किया होगा: सहरसा में दंड-बैठक करते डीएम ऑफिस पहुंच दिया ज्ञापन

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इसी तरह एक किमी दंड बैठक करते पहुंचा आवेदक।

इसी तरह एक किमी दंड बैठक करते पहुंचा आवेदक।
– फोटो : अमर उजाला

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सरकारी सिस्टम का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए भी बिहार में एक से बढ़कर एक रास्ता निकालते हैं लोग। इस बार एक शख्स ने कड़ाके की ठंड में अलाव और कंबल की सरकारी व्यवस्था कराने को डीएम से फरियाद लगाने के लिए अनूठा रास्ता अपनाया। सहरसा के डीएम को ज्ञापन देने के लिए यह व्यक्ति इसी ठंड में करीब एक किलोमीटर तक दंड-बैठक लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय, यानी कलेक्ट्रेट पहुंचा। वह डीएम से मिलकर ही ज्ञापन देने के लिए अड़ा था, हालांकि अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) ने उससे ज्ञापन ले लिया।

स्टंट भी संभव, क्योंकि यहां नहीं हुआ निगम का चुनाव
चुनाव के विरोध में कोर्ट जाने के कारण सहरसा में नगर निकाय चुनाव नहीं हुए हैं। तैयारियों के बावजूद अधिसूचना में यहां का नाम नहीं था। अब एक फरवरी को चुनाव होने की संभावना बताई जा रही है। बताया जा रहा है दंड-बैठक से लोगों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए डीएम के नाम जनता की अपील करने वाला बैद्यनाथ (बैजनाथ) भगत नगर निगम के चुनाव में डिप्टी मेयर का प्रत्याशी हो सकता है। भगत ने ऐसा कुछ कहा नहीं, लेकिन यह चर्चा गरम है। भगत ने डीएम दफ्तर के सामने धरना देते हुए कहा कि अगर इस ज्ञापन का असर नहीं होगा तो 5 जनवरी से वह आमरण अनशन पर चला जाएगा। अगर उसे पुलिस हाजत में रखा जाएगा तो वहीं अनशन करेगा। फर्नीचर का काम करने वाले भगत का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में अमीरों के पास ढेर सारी व्यवस्था है, लेकिन गरीब-गुरबा ठिठुरकर मर रहा है। उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।

दावा- डीएम ने कंबल बांटे, निगम जला रहा अलाव
भगत की मांग से उलट सरकारी दावे कुछ और कह रहे हैं। नगर निगम का दावा है कि शहर में 20 जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है और लोगों को इससे राहत मिली है। डीएम ने पिछले दिनों अस्पताल, स्टेशन जैसी जगहों पर देर रात घूमकर कंबल भी बांटे थे।

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सरकारी सिस्टम का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए भी बिहार में एक से बढ़कर एक रास्ता निकालते हैं लोग। इस बार एक शख्स ने कड़ाके की ठंड में अलाव और कंबल की सरकारी व्यवस्था कराने को डीएम से फरियाद लगाने के लिए अनूठा रास्ता अपनाया। सहरसा के डीएम को ज्ञापन देने के लिए यह व्यक्ति इसी ठंड में करीब एक किलोमीटर तक दंड-बैठक लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय, यानी कलेक्ट्रेट पहुंचा। वह डीएम से मिलकर ही ज्ञापन देने के लिए अड़ा था, हालांकि अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) ने उससे ज्ञापन ले लिया।

स्टंट भी संभव, क्योंकि यहां नहीं हुआ निगम का चुनाव

चुनाव के विरोध में कोर्ट जाने के कारण सहरसा में नगर निकाय चुनाव नहीं हुए हैं। तैयारियों के बावजूद अधिसूचना में यहां का नाम नहीं था। अब एक फरवरी को चुनाव होने की संभावना बताई जा रही है। बताया जा रहा है दंड-बैठक से लोगों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए डीएम के नाम जनता की अपील करने वाला बैद्यनाथ (बैजनाथ) भगत नगर निगम के चुनाव में डिप्टी मेयर का प्रत्याशी हो सकता है। भगत ने ऐसा कुछ कहा नहीं, लेकिन यह चर्चा गरम है। भगत ने डीएम दफ्तर के सामने धरना देते हुए कहा कि अगर इस ज्ञापन का असर नहीं होगा तो 5 जनवरी से वह आमरण अनशन पर चला जाएगा। अगर उसे पुलिस हाजत में रखा जाएगा तो वहीं अनशन करेगा। फर्नीचर का काम करने वाले भगत का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में अमीरों के पास ढेर सारी व्यवस्था है, लेकिन गरीब-गुरबा ठिठुरकर मर रहा है। उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।

दावा- डीएम ने कंबल बांटे, निगम जला रहा अलाव

भगत की मांग से उलट सरकारी दावे कुछ और कह रहे हैं। नगर निगम का दावा है कि शहर में 20 जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है और लोगों को इससे राहत मिली है। डीएम ने पिछले दिनों अस्पताल, स्टेशन जैसी जगहों पर देर रात घूमकर कंबल भी बांटे थे।



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