Delhi: एमसीडी में पार्षदों के मनोनयन पर सियासी घमासान, CM केजरीवाल ने मनोनीत करने के तरीके को बताया असंवैधानिक

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अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल
– फोटो : Social Media

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केंद्र सरकार की सिफारिश पर उप-राज्यपाल के एमसीडी में 10 पार्षद मनोनीत करने पर राजनीतिक घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्षद मनोनीत करने के तरीके को असंवैधानिक करार दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर पार्षद मनोनीत करने के मामले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। वहीं, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मनोनीत पार्षदों को शपथ नहीं दिलाने के लिए एमसीडी के आयुक्त को पत्र लिखा है। उधर, भाजपा ने मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री के पत्र लिखने के मामले को राजनीतिक हताशा करार दिया।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप-राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि एमसीडी में होने वाले नॉमिनेशन दिल्ली के शहरी विकास मंत्री के जरिए भेजे जाते हैं, लेकिन एमसीडी के आयुक्त ने फाइलें सीधे उप-राज्यपाल को भेज दी है। इस कारण पार्षद मनोनीत करने पर संविधान और सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित कानून व प्रक्रिया के अनुसार पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक कामकाज में हस्तक्षेप और बाधित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। 

केंद्र में सत्तासीन पार्टी की मदद करने व स्थायी समिति के चुनावों को प्रभावित करने के लिए पार्षदों को असंवैधानिक रूप से मनोनीत कर जनादेश को नकारने की कोशिश की गई है। डीएमसीडी की धारा 3(3)(बी)(आई) के तहत शक्तियों का कथित प्रयोग कर दिल्ली की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की मंत्रिपरिषद को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए 10 व्यक्तियों को एमसीडी के सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

उन्होंने कहा कि सदस्यों के नामांकन में एमसीडी की स्थायी समिति के चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है। इन 10 सदस्यों को जानबूझकर 12 में से सिर्फ तीन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है, जबकि स्थायी समिति के एक सदस्य को प्रत्येक क्षेत्र से चुना जाता है।

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केंद्र सरकार की सिफारिश पर उप-राज्यपाल के एमसीडी में 10 पार्षद मनोनीत करने पर राजनीतिक घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्षद मनोनीत करने के तरीके को असंवैधानिक करार दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर पार्षद मनोनीत करने के मामले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। वहीं, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मनोनीत पार्षदों को शपथ नहीं दिलाने के लिए एमसीडी के आयुक्त को पत्र लिखा है। उधर, भाजपा ने मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री के पत्र लिखने के मामले को राजनीतिक हताशा करार दिया।



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