Delhi Police : आयुक्त ने माना- वायरलैस सेट छोड़ मोबाइल पर लगे रहते हैं पुलिसवाले, अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

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संजय अरोड़ा

संजय अरोड़ा
– फोटो : अमर उजाला

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कंझावला कांड में पुलिस की कार्यशैली पर उठ सवालों के बीच पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने भी माना है कि वायरलैस सेट का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थानाध्यक्षों तक के बीच तालमेल की कमी है। सेट की जगह अधिकारी मोबाइल व व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं।

इसे बेहद गलत आदत बताते हुए पुलिस आयुक्त ने अपने अधीनस्थों को खरी-खोटी सुनाई है। दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर आला अधिकारियों के साथ बैठक में पुलिस आयुक्त ने जाहिर तौर पर माना कि कंझावला कांड में हर कदम पर तालमेल की कमी रही। इसमें तत्काल प्रभाव से सुधार करने की खातिर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि दिल्ली के पुलिस प्रमुख ने कहा कि कंझावला कांड के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संचार कमजोर रहा। इसकी वजह यह थी कि जिले व जोन के पुलिस अधिकारियों में समन्वय नहीं बना। इतनी बड़ी घटना पर समन्वय नहीं बनने से दिल्ली पुलिस की छवि खराब हो रही है।

वायरलैस का इस्तेमाल नहीं करने से सूचनाएं छिपी रह जाती हैं और कम्युनिकेशन ठीक से नहीं हो पाता। उन्होंने हिदायत दी कि पुलिस अधिकारी ज्यादा से ज्यादा वायरलैस सेट का इस्तेमाल करें। पुलिस प्रमुख ने अधिकारियों को कहा कि उन्हें चौकन्ना रहने की जरूरत है। हर घटना को चौकन्ना रहकर देखना चाहिए। उन्होंने मोबाइल व व्हाट्सएप पर बात बंद करने की हिदायत दी।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे संकेत मिले हैं कि पुलिस आयुक्त वायरलैस के इस्तेमाल को लेकर जल्द ही मॉक ड्रिल शुरू कर सकते हैं। इस अधिकारी ने बताया कि सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तीन ऑपरेटर मिलते हैं। इनमें से एक ऑपरेटर वायरलैस को लेकर अधिकारी के साथ हमेशा साथ रहता है।

इसके बावजूद वायरलैस सेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वैसे दिल्ली पुलिस में ये परंपरा बनती जा रही है कि घटना को छिपाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने वायरलैस का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया है।

विस्तार

कंझावला कांड में पुलिस की कार्यशैली पर उठ सवालों के बीच पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने भी माना है कि वायरलैस सेट का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थानाध्यक्षों तक के बीच तालमेल की कमी है। सेट की जगह अधिकारी मोबाइल व व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं।

इसे बेहद गलत आदत बताते हुए पुलिस आयुक्त ने अपने अधीनस्थों को खरी-खोटी सुनाई है। दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर आला अधिकारियों के साथ बैठक में पुलिस आयुक्त ने जाहिर तौर पर माना कि कंझावला कांड में हर कदम पर तालमेल की कमी रही। इसमें तत्काल प्रभाव से सुधार करने की खातिर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि दिल्ली के पुलिस प्रमुख ने कहा कि कंझावला कांड के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संचार कमजोर रहा। इसकी वजह यह थी कि जिले व जोन के पुलिस अधिकारियों में समन्वय नहीं बना। इतनी बड़ी घटना पर समन्वय नहीं बनने से दिल्ली पुलिस की छवि खराब हो रही है।

वायरलैस का इस्तेमाल नहीं करने से सूचनाएं छिपी रह जाती हैं और कम्युनिकेशन ठीक से नहीं हो पाता। उन्होंने हिदायत दी कि पुलिस अधिकारी ज्यादा से ज्यादा वायरलैस सेट का इस्तेमाल करें। पुलिस प्रमुख ने अधिकारियों को कहा कि उन्हें चौकन्ना रहने की जरूरत है। हर घटना को चौकन्ना रहकर देखना चाहिए। उन्होंने मोबाइल व व्हाट्सएप पर बात बंद करने की हिदायत दी।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे संकेत मिले हैं कि पुलिस आयुक्त वायरलैस के इस्तेमाल को लेकर जल्द ही मॉक ड्रिल शुरू कर सकते हैं। इस अधिकारी ने बताया कि सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तीन ऑपरेटर मिलते हैं। इनमें से एक ऑपरेटर वायरलैस को लेकर अधिकारी के साथ हमेशा साथ रहता है।

इसके बावजूद वायरलैस सेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वैसे दिल्ली पुलिस में ये परंपरा बनती जा रही है कि घटना को छिपाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने वायरलैस का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया है।



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