Joshimath Is Sinking: लगातार हो रहे भू धंसाव से खौफ में पर्यटक भी, टालने लगे टूर, बर्फबारी न होना एक नई चिंता

[ad_1]

हर साल बर्फ के साथ अठखेलियां करने आने वाले पर्यटकों के लिए यह साल परेशानी भरा नजर आ रहा है। एक ओर जहां उन्हें भू धंसाव का डर सता रहा है तो दूसरी ओर अब तक बर्फबारी न होने से भी निराश है। जोशीमठ और इससे जुड़े औली में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। इस साल भी बुकिंग बढ़ने लगी थी। होटल सजने लगे थे।

 

बर्फबारी का इंतजार और पर्यटकों से गुलजार होने के पल आने ही वाले थे कि इससे पहले भू-धंसाव की त्रासदी शुरू हो गई। जो पर्यटक दो से तीन हफ्ते की बुकिंग करके यहां बर्फबारी का आनंद लेने आए हैं, वह भी अब डरने लगे हैं। विशाखापत्तनम से आए कौशिक ने बताया कि वह तीन हफ्ते के लिए यहां आए थे।

 

फिलहाल उनके साथ दो लोग और आए हुए हैं, लेकिन अभी कई साथी और आने वाले हैं। इस बीच यहां स्थानीय लोगों ने बताया कि जोशीमठ नीचे की ओर धंस रहा है। कई लोगों के घर गिर गए हैं। अभी उन्हें यहां एक हफ्ता हुआ है। उन्होंने नृसिंह मंदिर देखा है। आदि शंकराचार्य का गद्दीस्थल देखा है। औली जाने की भी योजना थी लेकिन अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है।

जोशीमठ, औली में होटलों में होने वाली बुकिंग तेजी से कम हो रही है। पिछले करीब 15 दिन में करीब 35 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो गई है।

स्थानीय पर्यटन काराबोरियों का कहना है कि नई बुकिंग में भी पिछले वर्षों की तुलना में काफी गिरावट आई है।

जोशीमठ, औली और आसपास के क्षेत्रों में आमतौर पर अक्तूबर, नवंबर में बर्फबारी हो जाती थी। लेकिन इस बार जनवरी का पहला सप्ताह बीतने तक भी न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी।

जो पहाड़ इन दिनों बर्फ की सफेद चादर से ढके होते थे, वह स्याह नजर आ रहे हैं। पर्यावरणविद्, स्थानीय लोगों के लिए यह भी एक नई चिंता बनकर उभर रही है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *