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सीएम पुष्कर सिंह धामी
– फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा में राज्य की महिला उम्मीदवारों को 30 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को बतौर सामान्य अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल किया जाएगा। दरअसल, पीसीएस परीक्षा में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर ही एक अभ्यर्थी हाईकोर्ट गई थी।
हाईकोर्ट ने आरक्षण संबंधी शासनादेश को रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें अगली सुनवाई सात फरवरी को होनी है। इस बीच मंगलवार को राजभवन से मंजूरी के बाद राज्य में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण का कानून लागू हो गया।
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अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपनी एसएलपी वापस ले सकती है। इसके बाद यह कानून पूरी तरह से यहां हर परीक्षा पर लागू होगा। पूर्व भाजपा नेता रविंद्र जुगरान का कहना है कि चूंकि कानून लागू हो चुका है, इसलिए पीसीएस सहित सभी परीक्षाओं में इसका लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि आयोग जिन अन्य राज्यों की महिला उम्मीदवारों को पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए शामिल कर चुका है, उन्हें अब केवल सामान्य उम्मीदवार के तौर पर ही आंका जाएगा।
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