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ठाकुर द्वारा निवासी सुशीला गुप्ता का कहना है कि दरार आने के बाद अब तो रात में सोते समय भी डर लगता है। ठाकुरद्वारा मोहल्ले में कई महीने पहले मकानों में दरार आनी शुरू हुई तो लोगों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन अब स्थिति ज्यादा खराब हुई और मकानों के फर्श धंसने लगे और दरारें चौड़ी होने लगी तो दीवारों के आसपास खोदाई कराई। एक मकान की दीवार के नीचे पानी बहता हुआ दिखा।
लोगों का मानना है कि गैस पाइप लाइन दबाने के बाद से पेयजल लाइन जर्जर होने लगी और जगह-जगह से टूट गई। लगातार हो रहे पानी के रिसाव के कारण जमीन धंस रही है।
इसकी शिकायत नगर पालिका में करने के बावजूद कर्मचारियों ने कई दिन तक इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन वहां से लोगों ने सामान बांधकर बुधवार को पलायन शुरू कर दिया तो नगर पालिका कर्मचारी वहां जांच करने के लिए पहुंचे। वहां गलियों में गड्ढे कराकर पेयजल लाइन की जांच कराई जा रही है। लेकिन अभी तक यह भी नहीं पता चल सका है कि पानी का रिसाव किस जगह से हो रहा है। अगर यह पता चलता है तो उसके बाद ही जमीन का धंसना रोका जा सकता है।
करीब 50 लाख का नुकसान, मकान भी छोड़ना पड़ा
मेरे पूरा मकान में दरार आने से टूट गया है। मकान छोड़कर दूसरी जगह पलायन करना पड़ रहा है। जब से गैस पाइप लाइन बिछी है, उसके बाद से नालियों के पानी व पेयजल लाइन के पानी का रिसाव जमीन में होने लगा। ऐसा लग रहा है कि उससे ही जमीन धंसने लगी और मकान में दरार आ गई। मेरा करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। राजीव गुप्ता
गैस पाइप लाइन बिछने के बाद से ही लोग समस्या झेल रहे हैं। यहां लग रहा है कि पेयजल लाइन टूटी है और जमीन में पानी का रिसाव हो रहा है। जिससे फर्श धंसने के साथ ही दीवारों में दरार आने लगी। पहले समझ नहीं आया तो दीवारों की दरार ठीक कराई। इसके बाद दीवारों के नीचे गड्ढा की खोदाई की गई तो पानी का रिसाव दिखाई दिया। अब तक करीब दस लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। राधेश्याम शर्मा
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