Makar Sankranti 2023 : स्नान पर्व 14 जनवरी को, संगम समेत गंगा के 15 घाटों पर लगेगी पुण्य की डुबकी

[ad_1]

माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम समेत गंगा के 15 घाटों पर पुण्य की डुबकी लगेगी। संतों-भक्तों से मास्क लगाने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए भी कहा गया है। इस क्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने की हिदायत दी गई है। भीड़ के अनुमान को देखते हुए मेले के सभी 17 प्रवेश द्वारों और स्नान घाटों पर कोविड हेल्प डेस्क तैनात कर दी गई है। ताकि, किसी भी तरह के संदिग्ध मरीजों को समय रहते चिह्नित किया जा सके।

मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संक्रमण से सुरक्षा की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को अफसरों ने रणनीति तय की। श्रद्धालुओं के तात्कालिक उपचार के लिए एंबुलेंस की तैनाती के साथ ही निकटतम अस्पतालों के चिह्नीकरण के पर चर्चा की गई। एडीजी भानु भास्कर, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और मेलाधिकारी अरविंद चौहान की मौजूदगी में स्नान पर्व पर आपदा से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हर परिस्थिति से निबटने के लिए मेडिकल रिस्पांस टीम तैयार रखने, हर चीज का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने के साथ ही आपातकालीन स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर का प्रयोग करने का निर्देश दिया गया। स्नान पर्व पर एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के साथ ही उन्हें स्ट्रैटेजिक लोकेशन पर खड़े करने के निर्देश दिए गए।

सीएमओ ने बताया कि फिलहाल मेला क्षेत्र के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, लेकिन भीड़ को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने निजी अस्पतालों से सहायता लेते हुए इनकी संख्या अधिक से अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर बैठक में पुलिस महानिरीक्षक चंद्र प्रकाश, अपर पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री भी मौजूद थे। 

अस्पतालों में पर्याप्त दवा की उपलब्धता बनाने की ताकीद

सीएमओ को स्नान पर्व से पहले चिकित्सा विभाग का एक रिहर्सल करने, भगदड़ के दृष्टिगत एक कंटीजेंसी प्लान तैयार करने और ठंड, हार्ट, लंग संबंधित बीमारियों की दवाई अनिवार्य रूप से अपनी अस्पतालों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

50 मोटर बोट, 100 नावों से होगी घाटों की निगरानी

अग्नि दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए मेला क्षेत्र में 14 फयर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। घाटों पर जल पुलिस की ओर से 50 मोटर बोट, और 100 नावों की व्यवस्था की गई है, जिसका प्रयोग मेले की सुरक्षा व्यवस्था बनाने में किया जाएगा।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *