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फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई व कनाडा में बैठे आतंकी अर्शदीप डल्ला के निर्देश पर देश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले आतंकी नौशाद व जगजीत कई हत्याएं कर 26 जनवरी से पहले देश के सांप्रदायिक सौहार्द को खराब करना चाहते थे। इन आतंकियों के निशाने पर ज्यादा खालिस्तान के खिलाफ बोलने वाले नेता थे। दोनों आतंकी उत्तराखंड की हल्द्वानी जेल में मिले थे। ये पहले गैंगस्टरों से जुड़े और फिर आतंकियों से जुड़ गए। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस मृतक युवक की पहचान करने में जुटी है। शुरुआती जांच के बाद ये बात सामने आई है कि आतंकियों के कब्जे से बरामद हथियार पंजाब बार्डर होकर पाकिस्तान से आए हैं।
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि एसीपी ललित मोहन नेगी की टीम को सूचना मिली थी कि बॉर्डर पार आतंकी हैंडलर देश में कुछ खास लोगों की हत्या की साजिश रच रहे हैं। जांच में पता लगा कि उत्तराखंड के गैंगस्टर जगजीत सिंह उर्फ जस्सा उर्फ कप्तान ने नेताओं की हत्या के लिए उत्तरी दिल्ली में अपना आधार बना लिया है। आगे ये पता लगा कि जगजीत सिंह जहांगीर इलाके में नौशाद के साथ रह रहा है। इनके पास आधुनिक हथियार हैं। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर विनोद बडौला व सतीश राणा की टीम ने दोनों आतंकियों को जहांगीरपुरी इलाके से दोनों आतंकियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया।
बंबीहा गिरोह के सदस्यों के जरिए अर्शदीप के संपर्क में आया
जगजीत सिंह ने अपने साथी रविंदर सिंह उर्फ हैप्पी के साथ रुद्रपुर से इलाहाबाद के लिए इनोवा टैक्सी बुक की थी। इन लोगों ने ड्राइवर की हत्या कर टैक्सी को तीन नवंबर, 2018 में लूट लिया था। रुद्रपुर पुलिस ने नवंबर, 2018 को दोनों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। हल्द्वानी जेल में जगजीत सिंह की पंजाब के बंबीहा गिरोह के सदस्यों से जान पहचान हुई। ये अप्रैल, 2022 में दो दिन के पेरोल पर बाहर आया। इस दौरान गदरपुर, उत्तराखंड पर इस पर लारेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों ने हमला किया था। बंबीहा गिरोह के सदस्यों के जरिए ये अर्शदीप के संपर्क में आया।
जहांगीरपुरी हत्या मामले में गिरफ्तार हुआ था नौशाद
नौशाद ने वर्ष 1996 में एक युवक की हत्या में गिरफ्तार हुआ था। ये दो महीने के पेरोल में बाहर आया था। पेरोल के दौरान उसने साथी के साथ एक और हत्या की वारदात की थी। 25 वर्ष की सजा पूरी होने के बाद ये वर्ष 2018 में जेल से रिहा हुआ था। वर्ष 2018 में जेल से बाहर आने के बाद इसके संपर्क में सीमा पार आतंकियों से हो गए। तिहाड़ में ये बंद लश्कर के व अन्य संगठनों के आतंकियों के संपर्क में आया। वर्ष 2020 में ये रामनगर, उत्तराखंड में रंगदारी के मामले में गिरफ्तार हुआ था। इस दौरान हल्द्वानी जेल में जगजीत सिंह ने मिला। जगजीत सिंह पेरोल जंप कर गया था। इसके बाद इन्होंने संगठन खड़ा किया।
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