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– फोटो : फाइल फोटो
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गोरखपुर जिले में दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराकर पीड़ितों से रुपये ऐंठने वाली महिलाओं के गिरोह पर कार्रवाई से पुलिस ने तौबा कर लिया है। सात अगस्त को केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को न तो दबोच सकी है और न ही कोई ऐसी कार्रवाई की जिससे गिरोह में शामिल आरोपियों में डर हो। उधर, परेशान पीड़ित अफसरों के यहां प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगा रहा है।
पुलिस का यह हाल तब है जब खुद एडीजी अखिल कुमार, आईजी जे रविंद्र गौड़ तक इसकी प्रगति रिपोर्ट को लेकर विवेचक को तलब कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में कैंपियरगंज निवासी पीड़ित खालिद ने एडीजी से शिकायत की थी। एडीजी के आदेश पर एसएसपी ने सीओ बांसगांव व सीओ कैंट से जांच कराई।
जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं। मामला जांच में पुष्ट होने के बाद सात अगस्त को कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। लेकिन पुलिस आज तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जबकि, खुद पुलिस अफसर भी मानते हैं कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से कोर्ट के जरिये दुष्कर्म के केस दर्ज कराने के मामले कम हुए हैं। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच की जाएगी। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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