Hathras News: आलू की फसल में गिरा पाला, ठंड में छूटा किसानों का पसीना

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आलू की फसल पर पाला

आलू की फसल पर पाला
– फोटो : आलू की फसल पर पाला

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लगातार बढ़ रही ठंड और गिरते तापमान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पाला पड़ने से आलू की फसल खराब होने के आसार जताए जा रहे हैं। फिलहाल किसान मौसम के प्रभाव से आलू की फसल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं। 

सर्दी का मौसम आलू की फसल के अनुकूल माना जाता है। लेकिन बीते दिनों से पारे में गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के मुताबिक, रात में तापमान में गिरावट आलू की फसल के लिए अच्छा संकेत नहीं है। वहीं, बीते दो दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात को तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस रहता है, जिससे खेतों में सुबह पाला जमा देख किसानों के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि दिन में धूप खिलने से तापमान में उछाल होता है। पारे का यही उतार-चढ़ाव आलू की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। 

कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि खेतों में पाला जमने से आलू की पैदावार प्रभावित होती है। दिन में धूप निकलने से आलू की फसल की आल मुरझा जाती है और आलू का आकर बढ़ने से रुक जाता है। आलू का आकार कम होने से आलू की गुणवत्ता कमजोर पड़ जाएगी। यही चिंता किसानों को सता रही है। ऐसे में किसान आलू की फसल के बचाव के प्रयास में जुट गए हैं। आगामी दिनों में अगर तापमान में सुधार नहीं हुआ तो किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

किसान बोले

आलू खुदाई के लिए लगभग तैयार है। इस समय खेतों में पाला पड़ना अच्छा संकेत नहीं है। मौसम में सुधार नहीं हुआ तो आलू की फसल को भारी नुकसान होने के आसार हैं। -राज कुमार, किसान

आलू की फसल पर बर्फनुमा परत देखी गई है। धूप निकलने से आलू के पौधे की आल जल जाएगी। इससे आलू के आकार पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। आलू फूलेगा नहीं, तो भाव भी अच्छा नहीं मिलेगा। -विशम्बर सिंह, किसान

भीषण ठंड पड़ने से 15 बीघा आलू की फसल की आल पूरी तरह मुरझा गई है। फसल को बचाने के लिए सिंचाई की गई है। इससे फसल में सुधार हुआ तो ठीक है, नहीं तो आलू को नुकसान होगा। -हरिभजन, किसान

पाला पड़ने से अक्सर आलू की पैदावार प्रभावित होती है। धूप निकलने से आल जल जाती है और आलू का फुलाव रुक जाता है। दो दिन और पाला पड़ गया तो किसान नुकसान में होंगे। -भूरा पहलवान, किसान

विशेषज्ञ की राय

पाला पड़ने से आलू की फसल को 10 से 15 फीसदी तक नुकसान है। मौसम में सुधार नहीं हुआ तो नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है। फसलों के बचाव के लिए किसान आलू की फसल में हल्का हल्का पानी लगा सकते हैं। संभव हो तो आलू की फसल के निकट धुआं करके पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है। -विजय कुमार गौतम, एसएमएस कृषि विभाग

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