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प्रदेश में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। जोशीमठ भू-धंसाव के बाद हाईवे भी कई जगह से दरक गया था। इसके बाद बदरीनाथ यात्रा को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे थे। सरकार भी इसको लेकर खासा चिंतित थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से मार्ग के सुधारीकरण के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश बीआरओ को दिए गए थे।
जोशीमठ में बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे पर जहां-जहां दरारें आईं थीं, उन्हें सैंड मैटिरियल ओर सीमेंट की सहायता से भर दिया गया है। जहां जरूरत थी, वहां हाईवे के दोनों तरफ दीवार बनाकर भरान का काम किया गया है।
धंसाव वाले स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से भरान के बाद हाईवे को लेवल पर लाकर पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया है। अब कोई दिक्कत नहीं है। हाईवे पर सुचारू रूप से ट्रेफिक चल रहा है।
इन स्थानों पर धंस गया था हाईवे
जोशीमठ से मारवाड़ी तक हाईवे कई स्थानों पर धंस गया था। इसमें मुख्यतः चार स्थानों पर बड़ी दरारें थीं। इनमें बीआरओ कार्यालय के समीप, जेपी कॉलोनी के पास, टास्क फोर्स हेड र्क्वाटर के ऊपरी और निचले हिस्से में भू-धसांव के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी।
हेलंग से जोशीमठ तक का सफर भी हुआ आसान
बीआरओ ने हेलंग से जोशीमठ तक दस किलोमीटर हाईवे का चौड़ीकरण काम भी पूरा कर दिया है। यात्राकाल में यहां जगह-जगह वाहनों का जाम लगता था। बीआरओ ने हिल कटिंग कर हाईवे का चौड़ीकरण कार्य कर दिया है। अब हाईवे के डामरीकरण की तैयारी है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरु होने से पहले इस हिस्से में हाईवे को पूरी तरह से ठीक कर लिया जाएगा।
जिन स्थानों पर भू-धंसाव के कारण हाईवे धंस गया था, उन्हें ट्रीटमेंट के बाद पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। चारधाम यात्रा को लेकर हाईवे पूरी तरह से तैयार है। अभी भी हाईवे पर बड़े ट्रक, ट्राला, सेना के भारी वाहन आसानी से गुजर रहे हैं। फिलहाल कहीं कोई दिक्कत नहीं है। – ब्रिगेडियर पीएस जोशी, चीफ इंजीनियर बीआरओ
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