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कालभैरव मंदिर में पूजा करतीं राष्ट्रपति मुर्मू
– फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। भैरवाष्टक के साथ राष्ट्रपति ने बाबा की आरती उतारी। मंदिर पहुंचते ही राष्ट्रपति का हर-हर महादेव… के उद्घोष के साथ स्वागत हुआ। मंदिर के महंत नवीन गिरी की अगुवाई में पांच ब्राह्मणों ने षोडषोपचार विधि से बाबा की विशेष पूजा कराई।
बाबा की पूजा करने के बाद राष्ट्रपति ने मंदिर की परिक्रमा भी की। इस बीच मंदिर प्रबंधन की तरफ से राष्ट्रपति को रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्रम भेंट किया गया। महंत ने बताया कि राष्ट्रपति ने देश की उन्नति, शांति व सुख-समृद्धि के लिए पूजा कराई। उन्होंने सरसों के तेल को अपने सिर से उतारकर बाबा की ज्योति में डाल दिया। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी भी प्रकार का कष्ट हो तो बाबा उसे दूर करें।
राष्ट्रपति ने महंत से बाबा कालभैरव के महात्म्य के बारे पूछा। महंत ने उन्हें बताया कि काशी में दंड देने का अधिकार सिर्फ बाबा कालभैरव को है। बाबा कालभैरव भगवान शिव के पांचवें रुद्रावतार हैं। इनके दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। कालभैरव मंदिर में दर्शन पूजन के दौरान राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
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