Joshimath: चीन सीमा को जोड़ने वाले एकमात्र हाईवे का है ऐसा हाल, काम शुरू नहीं हुआ तो यात्री हो सकते हैं परेशान

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भू-धंसाव से चपेट में आए बदरीनाथ हाईवे को बीआरओ ने क्लीन चिट दी है। बीआरओ के अनुसार बदरीनाथ हाईवे यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन वास्तव में स्थिति यह है कि बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग से जोशीमठ तक चौड़ीकरण का कार्य एक माह से बंद पड़ा है। इस क्षेत्र में अभी करीब डेढ़ किमी तक हिल कटिंग के साथ ही डामरीकरण कार्य भी होना है।

ऐसे में यदि जल्द हाईवे पर काम शुरू नहीं हुआ तो बदरीनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को जाम का सामना करना पड़ सकता है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के साथ ही चीन सीमा को जोड़ने वाला यह एकमात्र हाईवे है। इस पर हेलंग से जोशीमठ तक 10 किमी हाईवे चौड़ीकरण का कार्य मई 2022 में शुरू हुआ था।

बीआरओ की कार्यदायी संस्था शिवालिक टेक चौड़ीकरण का कार्य कर रही है। हेलंग से जोगीधार तक हिल कटिंग का कार्य पूरा हो चुका है जबकि डेढ़ किमी सड़क पर हिल कटिंग होना शेष है जिन जगहों पर हिल कटिंग हो गई है वहां डामरीकरण होने के साथ स्कपर भी बनने हैं।

 



जनवरी माह में जोशीमठ नगर में भू-धंसाव के चलते नौ जनवरी से हाईवे चौड़ीकरण के कार्य को भी रोक दिया गया था जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।  आगामी 27 अप्रैल से बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी। ऐसे में यदि जल्द हाईवे पर कार्य शुरू नहीं हुआ तो यात्रा शुरू होने तक कार्य पूरा होना संभव नहीं है और यात्रियों को जाम झेलना पड़ सकता है। वहीं जोशीमठ के मुख्य बाजार में सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं।


संकरा है हाईवे

– बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के दौरान हेलंग से जोशीमठ के बीच अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां हाईवे संकरा और घुमावदार है। हाईवे के ऊपरी हिस्से में चट्टानी भाग तो निचले हिस्से में अलकनंदा बह रही है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस हाईवे पर सेना और आईटीबीपी के वाहनों की भी आवाजाही होती रहती है जिससे सेना के वाहन अक्सर यहां जाम में फंसे रहते हैं।

 


पैनी में स्टील गार्डर पुल पर धीमा चल रहा कार्य

बदरीनाथ हाईवे पर पैनी के पास खनोटी नाले में 90 मीटर स्पान का स्टील गार्डर पुल बनाया जा रहा है। पुल पर भी काम धीमा चल रहा है। बताया जा रहा है कि यहां पर पुल बनाने में सात से आठ माह का समय लग सकता है। बरसात में यहां पर कनखटी नाला बढ़ने से हाईवे बंद हो जाता है जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।

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हाईवे पर डेढ़ किमी हिल कटिंग का काम शेष बचा है। साथ ही हाईवे पर डामरीकरण होने के साथ ही स्कपर भी बनने हैं। यदि शीघ्र कार्य शुरू नहीं किया जाता तो समय पर चौड़ीकरण कार्य होना संभव नहीं है। – सोहन सिंह रावत, डायरेक्टर शिवालिक टेक, हाईवे निर्माणदायी संस्था।


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