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यहां पर प्रशासन ने जिन जगहों पर पॉलिथीन डाली हुई थी वहां बड़े-बड़े गड्ढे बन रहे हैं। ये गड्ढे चार फीट से अधिक गहरे हैं। बुधवार को टीम दरारों और जगह-जगह पड़े गड्ढों की गहराई को नापने के लिए फीता लेकर पहुंची।
आपदा प्रभावित सूरज कपरवाण का कहना है कि यहां औली रोपवे के पहले टावर से कुछ दूरी पर खेतों से लेकर माउंट व्यू होटल तक दरार पड़ी है। जो दिन प्रतिदिन चौड़ी हो रही है। इन दरारों को प्रशासन की टीम ने मिट्टी से भरकर इनपर पॉलिथीन डाल दिया था, लेकिन अब यहां फिर से दरारें पड़ने लगी है।
रोपवे के टावर नंबर एक से माउंट व्यू होटल तक करीब 300 मीटर लंबी दरार है। यह दरार दो फरवरी को पड़ी थी, जो अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। यह भू-धंसाव क्षेत्र की सबसे बड़ी दरार है।
वहीं, आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए सीमा सड़क संगठन ने जोशीमठ से मारवाड़ी तक जगह-जगह भू-धंसाव से बदहाल पड़े बदरीनाथ हाईवे का सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया है। जिन जगहों पर गड्ढे पड़े थे, उन्हें भी भर दिया गया है।
बुधवार को बीआरओ के मजदूरों ने पेट्रोल पंप के ठीक नीचे वाले एरिया में हाईवे का समतलीकरण कार्य किया। बीआरओ कार्यालय के समीप हाईवे कारीब दो फीट तक धंस गया था, यहां पत्थर और मिट्टी का भरान किया जा रहा है।
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