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स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के विद्यार्थी।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले दिव्यांगों का बुनियादी सुविधाओं के अभाव रहना मुहाल हो गया है। उन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। शौचालयों के दरवाजों में सिटकिनी तक नहीं है। मेस, किचन से लेकर पूरे छात्रावास में साफ-सफाई का भी अभाव है। बदबू की वजह से मेस में बैठकर खाना या वहां से गुजरना भी दूभर हो गया है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों ने कई दफा विद्यालय प्रबंधन के सामने अर्जी लगाई, मगर उनका आरोप है कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को अमर उजाला ने स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंंटर कॉलेज की पड़ताल में विद्यालय प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की सच्चाई सामने आ गई।
पूरे हॉस्टल के कमरों में बिजली के तार इधर-उधर लटके मिले। बिजली के बोर्ड टूटे हैं। छात्रावासी उमेश चंद्रा, मो. फैजान, गोविंद सोनी, शुभम शाह और प्रदीप सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास के मेस में आरओ प्लांट लगा है। मगर, उसकी क्षमता कम है। सर्दियों में ही पानी कम पड़ जा रहा है, गर्मी में हालत बदतर हो जाएगी।
प्रथम तल का आरओ कई महीनों से खराब है। कुछ ऐसा ही हाल प्रशासनिक भवन में चलने वाली कक्षाओं में लगे आरओ का भी है। कमरों की मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जाती है। कभी भी हॉस्टल के विद्यालय की कक्षाओं में फागिंग नहीं होती है। गंदगी की वजह से मच्छर काटते हैं। पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती है।
नहीं हैं पूरे शिक्षक
विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में खेल, कंप्यूटर के साथ नौंवी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए गणित, विज्ञान और संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। जिन विषयों के शिक्षक हैं वो भी प्राइमरी को पढ़ाने के लिए अर्ह हैं। मगर, उनसे कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़वाया जा रहा है।
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