किसान हत्याकांड: सिर पर कुल्हाड़ी से किया था वार, तेज प्रहार से टूटी हड्डी, पत्नी बोली- किसी ने नहीं थी रंजिश

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बांदा जिले में खेत में फसल की कटाई करा रहे किसान पूर्व बीडीसी सदस्य पर अज्ञात लोगों ने हमला कर करीब 10 मीटर तक घसीटा। इसके बाद सिर पर पीछे से कुल्हाड़ी और फरसा से वार कर हत्या कर दी। रविवार सुबह खेत पर पहुंचे मृतक के भाई और पुत्र को फसल के बीच में शव पड़ा मिला।

पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटनास्थल से खुरपीनुमा चाकू बरामद किया गया है। बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर चंद्रायल गांव निवासी मोतीलाल यादव उर्फ नन्ना (50) गांव में कमलाकांत त्रिपाठी की तकरीबन 50 बीघा जमीन बटाई पर लिए था।

शनिवार सुबह वह मटर और मसूर की फसल की कटाई कराने खेत पर गया था। शाम को उसकी पुत्री सरवन खाना देने और जानवरों का चारा लेने गई थी। देर शाम चारा लेकर घर आ गई थी। रात में जब किसान घर नहीं आया तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, तो बंद मिला।



परिजन यह सोचकर कि हो सकता है कि खेत में ही सो गए हों, वह नहीं गए। रविवार की सुबह छोटा भाई राजाबाबू और पुत्र लवकुश खेत पर गए तो मोतीलाल का शव पड़ा मिला। उन्होंने थाने में सूचना दी। बिसंडा थानाध्यक्ष आनंद कुमार, सीओ राकेश कुमार, फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए।


शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। सीओ राकेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुल्हाड़ी या फरसा से वारकर हत्या है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है। प्रथम दृष्टया कुल्हाड़ी या फरसा से सिर में पीछे से वार कर हत्या लग रहा है। गोली मारे जाने की भी आशंका है।


किसी ने नहीं थी कोई रंजिश

मृतक किसान के घर में पत्नी बिल्लो यादव, दो पुत्र लवकुश और दिलकुश व दो पुत्रियां सरवन और सुधा हैं। मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पत्नी बिल्लो व पुत्री सरवन ने बताया कि उनकी गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। मृतक बटाई में खेती लेकर खेती-किसानी करते थे। फसल कटाई के लिए वह खेत में रुक गए थे।


रास्ते में किसान की साइकिल, चारा और कुल्हाड़ी मिली

घटनास्थल से पुलिस ने खून से सना हुआ चाकू भी बरामद किया है। मृतक की साइकिल, उसमें लदा चारा और कुल्हाड़ी भी खेत के रास्ते में खड़ी मिली है। कयास लगाया जा रहा है कि किसी ने किसान को बुलाया होगा, तो वह साइकिल खड़ी करके खेत पर गया होगा। घटनास्थल और मृतक किसान के घर की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है।


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