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नोटिस
– फोटो : सोशल मीडिया
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शिक्षा विभाग ने वेतन का गलत निर्धारण बताते हुए करीब 1000 शिक्षकों को वसूली का नोटिस जारी किया है। ताजा मामला उत्तरकाशी जिले की जूनियर हाईस्कूल की शिक्षिका विमला नेगी का है। उन्हें गत शुक्रवार को नोटिस मिला है। विभाग ने सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन यह कहते हुए रोक दी गई कि उनसे छह लाख की वसूली की जाएगी। हालांकि विभाग समय-समय पर शिक्षकों को नोटिस भेजता रहा है।
इस मामले में अधिकतर शिक्षक कोर्ट जा चुके हैं, वहीं, कुछ जाने की तैयारी में हैं। उत्तरकाशी के जूनियर हाईस्कूल बेस्टी पुरोला से सेवानिवृत्त हुई शिक्षिका विमला नेगी के मुताबिक सेवानिवृत्त को करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक पेंशन एवं अन्य देयकों का लाभ नहीं मिल पाया है। विभाग की ओर से मौखिक रूप से बताया जा रहा है कि उनके वेतन का गलत निर्धारण हुआ था। उनसे छह लाख रुपये से अधिक की वसूली की जाएगी।
विभाग ने वर्ष 2012 में उन्हें प्राथमिक सहायक से जूनियर सहायक के पद पर पदोन्नति दी। मई 2022 में उन्हें जूनियर सहायक अध्यापिका के पद का वेतनमान दिया गया। गलत वेतन निर्धारण के संबंध में उन्हें कभी लिखित में नहीं दिया गया। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर पुंडीर ने कहा कि विभाग की ओर से 936 शिक्षकों को समय-समय पर वसूली का नोटिस दिया गया है।
विभाग की इस गलती से प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के दो हजार से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को शिक्षकों का वेतन रोकने के बजाए वेतन का गलत निर्धारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षकों को पेंशन एवं अन्य देयकों का लाभ न दिया गया तो संगठन इसके खिलाफ कोर्ट जाएगा।
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