Uttarakhand Budget: सीमांत गांवों को बूस्टर डोज की दरकार, चीन- नेपाल सीमा पर बसे गांवों का सूनापन होगा दूर

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सीएम पुष्कर सिंह धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी
– फोटो : अमर उजाला

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धामी सरकार के बजट से सीमांत गांवों का विकास तेज करने की जरूरत है। चीन और नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमांत गांव पलायन की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार ने ऐसे गांवों की तस्वीर बदलने के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की है, वहीं प्रदेेश स्तर पर इसके लिए मुख्यमंत्री सीमांत गांव पर्यटन विकास योजना का खाका तैयार किया जा रहा है।

सामरिक सुरक्षा और पर्यावरणीय संरक्षण व संवर्द्धन की दृष्टि से सीमा प्रहरी की भूमिका निभाने वाले सीमांत क्षेत्रों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। डबल इंजन की सरकार इन गांवों के ढांचागत विकास की नींव रख सकती है। सीमांत क्षेत्रों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान इस बजट के माध्यम से और गति पकड़ सकता है।

उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग ने मुख्यमंत्री बार्डर टूरिज्म योजना का खाका तैयार किया है। यदि इस दिशा में सरकार आगे बढ़ती है तो देश का सीमांत क्षेत्र न सिर्फ सुरक्षित होगा, बल्कि यहां स्थानीय आबादी को एक बाद फिर बसाकर उनके रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

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