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आलू
– फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार द्वारा 650 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर आलू की सरकारी खरीद की घोषणा पर राष्ट्रीय लोकदल के युवा नेता राजेश ठेनुआं ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि किसान ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बीज खरीदकर आलू की बुवाई की थी। किसान के सामने असमंजस है कि वह इतनी कम कीमत में आलू बेचकर क्या हासिल कर लेंगे।
उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन आलू की सरकारी कीमत के हिसाब से तो किसान की आय आधी से भी कम हो गई। आलू का भाव तय करने से पहले सरकार को कम से कम इसकी बुवाई की लागत का ध्यान रखना चाहिए था। किसानों के साथ हो रहे अन्याय से रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को अवगत कराया जाएगा।
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