[ad_1]

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और सीएम धामी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज बुधवार को वर्ष 2023 के लिए धामी सरकार का बजट पेश किया। इस वर्ष के लिए 77407.08 करोड़ का बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि 2025 में उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने की दिशा में सरकार का बजट अहम भूमिका निभाएगा। सरकार ने राज्य के विकास से लिए जो भी प्राथमिकताएं तय की हैं, उनकी झलक बजट में दिखाई देगी।
कहा कि यह बजट प्रोत्साहित करने वाला है। इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। वर्ष 2023 का उत्तराखंड सरकार के बजट में रोजगार, निवेश और पयर्टन पर फोकस किया गया है। कहा कि हम सुशासन की ओर बढ़ रहे हैं। इस बार जी-20 की मेजबानी मिली है। यह गर्व की बात है कि उत्तराखंड में तीन संगोष्ठियां होंगी। हमारी सरकार ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन चल रही है। भ्रष्टाचार मुक्त एप भी एक्टिव है। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभा के साथ अन्याय नहीं होंने दिया जाएगा। भर्ती घोटालों में होने वाली धांधली को खत्म करने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया गया है। हमारी सरकार बजट सात बिंदुओं पर केंद्रित किया गया है।
सात बिंदुओं पर है बजट का फोकस
- मानव पूंजी में निवेश पर जोर दिया गया।
- समावेशी विकास के तहत अंतिम छोर तक खड़े व्यक्ति तक विकास को पहुंचाना और नए अवसर का उपयोग करने के लिए प्लेटफॉर्म देना।
- स्वास्थ्य सुविधाओं की सुविधा।
- पूंजीगत व्यय में सार्वजनिक संपत्ति का संवर्धन एव संरक्षण।
- निर्बाध एवं सुरक्षित संयोजकता।
- प्रोद्योगिक एवं आधुनिक विकास।
- इकोलॉजी एवं इकोनॉमी में संतुलन।
वित्त मंत्री के मुख्य कथन
1. हमने केंद्रीय बजट में सप्तर्षि से स्वयं को संबद्ध किया है। समावेशी विकास, आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे और वंचितों को वरीयता, बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश क्षमता विस्तार, हरित विकास, युवा शक्ति एवं वित्तीय क्षेत्र को वक्त का तकाजा मानते हुए नीतिगत बदलाव व बजटीय प्रावधान किए।
2. हमने पूर्व बजट संवाद किए। ईमेल और बजट निदेशालय की वेबसाइट व व्हाट्सएप के माध्यम से भी जनता के सुझाव लिए और जनहित वाले सुझावों को नई मांग से शामिल किया।
3. सतत विकास के लिए धामी सरकार की ये हैं प्राथमिकताएं।
- पिछले बजट की नींव पर सतत विकास करते हुए स्थानीय निकायों में अपशिष्ट प्रबंधन।
- फल उत्पादक क्लस्टर में उपज को मंडी तक पहुंचाने लिए नेटवर्क।
- उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस।
- सरकारी शिक्षण संस्थानों और दफ्तरों में इंटरनेट कनेक्टिविटी।
- क्लस्टर उत्कृष्ट विद्यालय बनेंगे।
- पार्किंग सुविधाओं का विकास होगा।
- पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण व आपदा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर हेलीपैड बनेंगे।
- रोड सेफ्टी के लिए क्रैश बैरियर।
[ad_2]
Source link