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सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर के बाल संप्रेक्षण गृह में बृहस्पतिवार को जांच के दौरान 22 मोबाइल फोन और चार्जर मिले। एक बाल अपचारी की सूचना के बाद की गई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने डीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया है। खबर है कि दीवारों और बोर्ड के अंदर स्क्रू खोलकर मोबाइल फोन को छिपाया गया था। संप्रेक्षण गृह में इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन मिलने से पूरा प्रशासनिक अमला सवालों के घेरे में है।
जानकारी के मुताबिक, जिला जज तेज प्रताप तिवारी, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह, एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ बृहस्पतिवार को बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे थे। इस दौरान एक कमरे में कुछ बाल अपचारी थे, उनसे मिल रही सुविधाओं के बारे में जिला जज जानकारी ले रहे थे। तभी एक बाल अपचारी ने एसपी सिटी से बता दिया कि बगल वाले कमरे में भैया लोग मोबाइल से बात करते हैं।
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यह सुनते ही एसपी सिटी ने जिला जज को जानकारी दी और फिर एक एक कमरे की जांच शुरू कर दी गई। मोबाइल फोन संप्रेक्षण गृह की अलमारी में दीवार को तोड़कर छिपाए गए थे। वहीं कई मोबाइल को बोर्ड के अंदर रखकर स्क्रू से बंद कर दिया गया था, ताकि किसी को संदेह न होने पाए। जांच के दौरान कुल 22 मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जिला जज ने डीएम को कार्रवाई के लिए कहा है।
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