Ram Navami: हजारीबाग और जमशेदपुर के बाद भुरकुंडा में लगता है सबसे बड़ा रामनवमी मेला, जानें इतिहास

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Ram Navami 2023: रामगढ़ जिला अंतर्गत भुरकुंडा के लक्ष्मी टॉकीज मैदान में आठ दशक से अधिक समय से रामनवमी का मेला लगता आ रहा है. मेला में हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं. इस मेले की भव्यता ऐसी है कि इसे हजारीबाग और जमशेदपुर के बाद राज्य का तीसरा सबसे बड़ा रामनवमी मेला माना जाता है.

1940 में मेले की शुरुआत

लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेले की शुरुआत 1940 में हुई थी. इससे पूर्व, 1939 तक भुरकुंडा कोयलांचल व भदानीनगर क्षेत्र के लोग महावीरी झंडे के साथ वर्तमान भुरकुंडा बाजार के खोपड़िया बाबा धर्मशाला के समीप जुटते थे. अब तक यहां भीड़ बढ़ने लगी थी. मैदान में जगह की कमी के कारण समितियों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेला लगाने का निर्णय लिया. यह परंपरा आज तक चल रही है. हजारों लोगों की भीड़ के बावजूद आज तक यहां किसी प्रकार का कभी भी सांप्रदायिक उन्माद नहीं हुआ. लोग सौहार्द्रपूर्ण माहौल में रामनवमी मनाते रहे हैं.

दो दर्जन समितियों द्वारा निकाली जाती है भव्य झांकी

मेला के इतिहास के बारे में क्षेत्र के लोग बताते हैं कि उस वक्त के प्रधान बाबू चंद्रमोहन सिंह, सरपंच बालेश्वर तिवारी, खेमलाल साव, श्याम लाल, रामलाल साव, इंद्रनाथ साव, मुन्ना महतो, लेदर सिंह ने मेले को भव्यता देने की शुरुआत की थी. आज इस मेला में क्षेत्र के करीब दो दर्जन समितियों द्वारा भव्य झांकी निकाली जाती है. ऊंचे-ऊंचे महावीरी झंडे लेकर लोग पहुंचते हैं. यही वजह है कि मेल में हर वर्ष लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है.

हर साल आकर्षक का केंद्र होता है यहां का रामनवमी मेला

अखाड़ों के खिलाड़ी पारंपरिक शस्त्र से खेल का प्रदर्शन करते हैं. मेला में हर वर्ष आकर्षक झांकी, ऊंचे व बड़े झंडे, अनुशासन, बेहतर खेल के लिए निर्णायक मंडली द्वारा समितियों को पुरस्कृत किया जाता है. इस वर्ष भी करीब दो दर्जन समितियों द्वारा झांकी निकालने की तैयारी चल रही है. इसमें कुरसे, देवरिया, मतकमा, लादी, चिकोर, लपंगा, रेलवे स्टेशन, महुआ टोला, चौकिया टांड़, सलगा गोला, जवाहर नगर, तीन नंबर चीफ हाऊस, नीचे धौड़ा, हुरूमगढ़ा, पटेल नगर, भुरकुंडा बाजार, हनुमानगढ़ी समिति द्वारा झांकी निकाली जायेगी.

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