Uttarakhand Sports: अर्जुन अवॉर्ड मिलने पर भी राज्य में अनदेखी, अंतरराष्ट्रीय नौकायन खिलाड़ियों ने उठाए सवाल

[ad_1]

बैठक

बैठक
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों ने राज्य खेल पुरस्कारों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति के हाथों उन्हें सर्वोच्च अर्जुन पुरस्कार मिला पर, राज्य खेल पुरस्कारों में उनकी लगातार अनदेखी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय नौकायन खिलाड़ी रहे पिथौरागढ़ जिले के पाण्डे गांव निवासी सुरेंद्र सिंह वल्दिया और चमोली जिले के कोलसो गांव निवासी सुरेंद्र सिंह कनवासी के मुताबिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला, लेकिन राज्य खेल पुरस्कार न मिलने से उन्हें निराश होना पड़ा है।

ओलंपिक, एशियार्ड वाले को प्राथमिकता दी जाती

वल्दिया बताते हैं कि राज्य खेल पुरस्कारों के लिए वह लगातार आवेदन करते आ रहे हैं, इसके बाद भी उनका सूची में नाम नही हैं। नौकायन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे सुरेंद्र सिंह कनवासी बताते हैं कि राज्य खेल पुरस्कारों में यह नहीं देखा जा रहा है कि उत्तराखंड के लिए किसने क्या किया। हालांकि राज्य खेल पुरस्कार के लिए विभाग की ओर से मानक बनाया गया है, जिसमें ओलंपिक, एशियार्ड वाले को प्राथमिकता दी जाती है।

पुरस्कार के लिए ऐसे व्यक्ति को वरियता दी जा रही है जिसने एशियन भी नहीं खेला। हम दोनों अर्जुन अवार्डी कई बार राज्य खेल पुरस्कार के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन राज्य खेल पुरस्कार के लिए उनका नाम नहीं आया। कनवासी बताते हैं कि हर बार नाम न आने से वह थक चुके हैं, यहीं वजह है कि उन्होंने बाद में आवेदन करना भी छोड़ दिया।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *