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Atique Ahmed
– फोटो : अमर उजाला
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साबरमती जेल से निकलने के बाद जिस अतीक के चेहरे पर मायूसी और परेशानी के भाव थे, वे यहां पहुंचते ही बदल गए। साबरमती जेल के बाहर जिस अतीक ने अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसी अतीक ने सोमवार की सुबह जब यूपी की सीमा में प्रवेश किया तो पत्रकारों से कहा कि ‘किस बात का डर’।
उसने अपनी मूंछों पर हाथ भी फेरा। चर्चा है कि खुद को सुरक्षित देखकर अतीक में आत्मविश्वास आ गया था। साबरमती जेल में रविवार की सुबह प्रयागराज पुलिस की टीम देखकर अतीक घबरा गया था। वह पुलिस टीम के साथ प्रयागराज आने को कतई तैयार नहीं था। उसने हाइपरटेंशन, बीपी, शुगर और रीढ़ की हड्डी की बीमारी का बहाना भी बनाया।
कोर्ट की भी धमकी दी लेकिन पुलिस टीम के पास उसे ले जाने के लिए प्रोडक्शन वारंट था। रविवार की शाम करीब छह बजे अतीक साबरमती जेल से बाहर निकला तो उसने काला कुर्ता पहन रखा था। सिर पर सफेद गमछा बांधे चेहरे से मायूस और निराश लग रहा था।
वह जेल से बीमार की तरह बाहर निकला और चलते वक्त बोला कि कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर मेरी हत्या करने चाहते हैं। इनका प्रोग्राम मुझे मालूम है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रास्ते में भी वह काफी मायूस था। रात में जहां भी गाड़ी रुकती, वह बुरी तरह से डर जाता लेकिन सोमवार की सुबह होने के बाद उसका रुख धीरे-धीरे बदलने लगा।
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