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गांवों में यह होंगे बदलाव
-ओडीएफ प्लस में शामिल होने के लिए गांवों में फीकल स्लज मैनेजमेंट का काम होगा।
-सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सभी 22 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरे के लिए कांपेक्टर लगाए जाएंगे।
-पंचायतों में कचरा निस्तारण के लिए ई-वाहन खरीदे जाएंगे।
-यात्रा सीजन में सड़क किनारे गांवों की सफाई के लिए जटायु सक्शन मशीन खरीदी जाने का प्रस्ताव।
-गोबरधन योजना के तहत पौड़ी के बाद अब ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में भी प्लांट लगेंगे। इसके बाद बाकी जिलों में काम किया जाएगा।
-ग्राम पंचायतों में लिक्विड मैनेजमेंट का काम होगा।
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करीब छह हजार गांव हैं ओडीएफ प्लस
प्रदेश के करीब छह हजार गांव ओडीएफ प्लस श्रेणी में आ चुके हैं। यहां वेस्ट मैनेजमेंट का काम पंचायतों के स्तर से कराया जा रहा है। जैविक कचरे को गांवों में ही एक गड्ढे के माध्यम से निपटारा कर खाद बनाया जाता है जबकि प्लास्टिक कचरे को गांव से ब्लॉक स्तर पर भेजा जाता है, जहां इसका कांपेक्टर के माध्यम से निस्तारण किया जा रहा है।
हमने मंत्रालय को कुल 562.05 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन का बजट इस बार 430 करोड़ मिलेगा। पंचायतों के स्तर पर इससे काफी सुधार के काम किए जाएंगे। -नितेश झा, सचिव, पेयजल एवं पंचायती राज
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