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चर्चा है कि (बाएं) मादा लकड़बग्घा चमेली। (दाएं) इसी नवजात हाइना के मौत की चर्चा है।
– फोटो : अमर उजाला।
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बच्चे को बचाने की मां की ममता ही उसकी मौत की वजह बन गई। मिट्टी से लदा ट्रक जब हाइना के बाड़े के पास से गुजरा तो धरती कांपने से बाड़ा भी हिल गया। इस वजह से हाइना डर गई। उसे अपने बच्चे की चिंता हुई। वह अपने शरीर का सुरक्षा घेरा बनाकर बच्चे पर बैठ गई। बच्चे की सुरक्षा के लिए वह उस पर काफी देर तक बैठी रह गई, जिससे नवजात की जान चली गई।
बताया जा रहा है कि हाइना यानी मादा लकड़बग्घा के बगल में स्थित गैंडे के बाड़े को मिट्टी डालकर ऊंचा किया जाना है। इस पर कुछ दिनों से काम चल रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को एक ट्रक मिट्टी आनी थी।
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बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने बृहस्पतिवार की रात करीब डेढ़ बजे मिट्टी से भरा ट्रक चिड़ियाघर प्रबंधन की जानकारी के बिना भेज दिया। ट्रक देर रात पशु अस्पताल वाले रास्ते से चिड़ियाघर के अंदर आया। ट्रक जब अस्पताल के भीतर आने लगा तो उसके वजन और गति के कारण धरती में कंपन्न होने लगा। इससे लकडबग्घे का बाड़ा भी हिलने लगा।
सूत्रों का कहना है कि बाड़ा हिलने की वजह से हाइना अपने शिशु की सुरक्षा के लिए उसके ऊपर बैठ गई। उसका मकसद अपने शरीर का घेरा बनाकर शिशु की रक्षा करना था, लेकिन यही उसकी मौत का कारण बन गया। हाइना के काफी समय तक शिशु के ऊपर बैठे रहने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
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