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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Social Media
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पीलीभीत के महिला महाविद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी प्रोफेसर को बरी किए जाने के स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार उच्च न्यायालय में अपील करेगी। पुलिस की कमजोर विवेचना और गवाहों के अदालत तक न पहुंचना प्रोफेसर के दोषमुक्त होने का बड़ा कारण रहा। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) महेंद्र कुमार गंगवार का कहना है कि मुकदमे में जो खामियां रह गई होंगी, उन्हें उजागर करते हुए फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। वहीं पीड़िता के परिजनों ने भी कहा है कि वे हार नहीं मानेंगे।
मूलरूप से रामपुर निवासी प्रोफेसर कामरान आलम खान के खिलाफ महिला महाविद्यालय की छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए 21 नवंबर 2021 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया था कि महाविद्यालय की कुछ अन्य लड़कियां भी रैकेट में शामिल हैं, वह प्रोफेसर के दबाव में हैं। सबको धमकी दी जाती थी।
पुलिस की कमजोर पैरवी रही वजह
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़िता के परिवार पर काफी दबाव डाला गया लेकिन वह नहीं झुके। इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर कामरान आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अदालत ने पुलिस की कमजोर पैरवी की वजह से शनिवार को प्रोफेसर कामरान को दोषमुक्त करार दे दिया।
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