Uttarakhand: जिस क्षेत्र में ज्यादा नक्शे होंगे पास, वहीं होगा विकास, शुल्क निर्धारण का शासनादेश जारी

[ad_1]

हर क्षेत्र का रखा जाएगा हिसाब

अब सभी विकास प्राधिकरणों को नक्शे पास कर विकास शुल्क लेते वक्त हर क्षेत्र का हिसाब रखना होगा, ताकि यह पता चल सके कि किस क्षेत्र में कितने अधिक नक्शे पास हुए और कहां से ज्यादा विकास शुल्क आया है। इसी हिसाब से 80 प्रतिशत राशि का खर्च करना अनिवार्य होगा।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बनेगी समिति

विकास प्राधिकरणों को नक्शा पास करने पर मिलने वाले विकास शुल्क की धनराशि का वितरण, खर्च और अनुश्रवण करने के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें डीएम या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सदस्य सचिव होंगे, जबकि नगर आयुक्त या मुख्य नगर अधिकारी या अधिशासी अधिकारी बतौर सदस्य होंगे।

ये भी पढ़ें…Dehradun: सीएम धामी पहुंचे दिल्ली, आज करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात, कई मुद्दों को लेकर होगी चर्चा

विकास शुल्क के यहां खर्च करने पर रोक

वेतन, मजदूरी, महंगाई भत्ता, यात्रा व्यय, अन्य भत्ते, मानदेय, पारिश्रमिक, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, प्रशिक्षण व्यय, अनुमन्यता संबंधी व्यय, लेखन सामग्री एवं छपाई, कार्यालय फर्नीचर एवं उपकरण, कार्यालय व्यय, किराया, उपशुल्क, विज्ञापन एवं प्रकाशन पर व्यय, उपयोगिता बिलों का भुगतान, कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर अनुरक्षण, व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं के भुगतान, कार्यालय के लिए वाहन खरीद, गाड़ियों का संचालन, पेट्रोल, डीजल, सेमिनार, बैठक, भ्रमण, राजस्व मद एवं आतिथ्य व्यय आदि।

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *