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रायबरेली की जनसभा में अखिलेश यादव को गदा भेंट करते मनोज पांडेय।
– फोटो : amar ujala
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रायबरेली की जनसभा में दलित वोटबैंक के साथ सामाजिक समीकरण का भी ध्यान रखा। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य और मुख्य सचेतक मनोज पांडेय भले एक-दूसरे के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे लेकिन अखिलेश यादव ने दोनों को बराबर तवज्जो दी।
उन्होंने जगतपुरा ब्लॉक के टिकट्ठा मुसल्लेपुर में ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज पांडेय की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में लोकतंत्र बचाने की अपील की। कहा कि वर्ष 2024 में भाजपा आई तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार बेरोजगारी के मुद्दे पर टकरा रही है। उन्होंने गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि बसपा और कांग्रेस से गठबंधन किया लेकिन अनुभव ठीक नहीं रहा।
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नारे के बहाने साधे निशाने
मान्यवर कांशीराम महाविद्यालय में जनसभा में सपा अध्यक्ष ने सपा-बसपा गठबंधन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कन्नौज चुनाव के दौरान गलियों में एक नारा लगा था। वह लोगों को भूला नहीं है। उन्होंने कहा कि असली नारा जय श्रीराम का नहीं बल्कि जय सियाराम का है। गठबंधन में नारा लगा था कि हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा विष्णु महेश हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम किसी बहस में नहीं पड़ना चाहते हैं। बसपा ने नारा दिया था कि इनको मारो… लेकिन हम इस तरह के बहस में नहीं पड़ना चाहते हैं। हम सभी को एक साथ जोड़ने के अभियान में जुटे हैं।
पढ़ाई के बहाने ली चुटकी
सपा अध्यक्ष ने पढ़ाई का जिक्र करते हुए चुटकी ली कि दिल्ली वाले ज्यादा पढ़े-लिखे हैं अथवा यूपी वाले। यदि यूपी वाले ज्यादा पढ़े-लिखे होते तो यह नहीं कहते कि 46 में 56 एक ही जाति के एसडीएम थे। हमने सूची मांगी और अब नहीं दे रहे हैं।
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