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अभिज्ञान शाकुंतलम, मधुशाला और वर्दी वाला गुंडा।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के विद्यार्थी अब कालजयी नाटक, गीत और उपन्यास भी पढ़ेंगे। गुलजार, चेतन भगत, हैरी पाॅटर और अमित त्रिपाठी के उपन्यास के बाद अगले सेमेस्टर में उन्हें महाकवि कालीदास का अभिज्ञान शाकुंतलम और भवभूति के संस्कृत में नाटक उत्तर रामचरितम को शामिल किया गया है।
परास्नातक की कक्षाओं के पाठ्यक्रमों में ब्रिटिश उपन्यासकार मिल्टन, शेक्सपियर आदि के नाटक व उपन्यास को शामिल किया गया था। अब नई शिक्षा नीति पर आधारित परास्नातक के इन पाठ्यक्रमों में पाश्चात लेखकों की जगह अपने देश के प्रसिद्ध व चर्चित नाटक व उपन्यास को शामिल किया गया है।
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द्वितीय सेमेस्टर में छात्रों को चेतन भगत के उपन्यास पाइव प्वाइंट समवन को पढ़ाया जा रहा है। इसी उपन्यास पर आमिर खान की सुपर हिट फिल्म थ्री इडियट बनी थी। इसी प्रकार अमित त्रिपाठी ने राम पर कई सीरिज लिखी हैं, जिसकी चर्चा खूब है। इसे भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। जादुई दुनिया पर आधारित हैरी पॉटर के उपन्यासों को भी पढ़ाया जाने लगा है।
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