रूस को बड़ा झटका, NATO ने शामिल हुआ फिनलैंड

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फिनलैंड आज दुनिया के सबसे बड़े सुरक्षा गठबंधन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) में शामिल हो गया, जिसे रूस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के समय से ही इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की आहट सुनाई दे रही थी. डॉक्युमेंट्स को सौंपने के साथ ही नॉर्डिक राष्ट्र आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे बड़े सुरक्षा गठबंधन का सदस्य बन गया. फिनलैंड की मेंबरशिप यूरोप के सुरक्षा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है. द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ से अपनी हार के बाद इस देश ने तटस्थता अपनाई थी, लेकिन इसके नेताओं ने यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के कुछ महीने बाद ही संकेत दिया था कि वे नाटो गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए झटका

यह कदम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए रणनीतिक और राजनीतिक रूप से झटका है. वह लंबे अरसे से शिकायत करते आए हैं कि नाटो रूस की ओर विस्तार कर रहा है. वहीं, गठबंधन का कहना है कि इससे मॉस्को को कोई खतरा नहीं है. रूस ने चेतावनी दी कि फिनलैंड की नाटो की मेंबरशिप से उत्पन्न सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए उसे प्रतिशोधी उपाय करने के लिए विवश होना पड़ेगा. मॉस्को ने यह भी कहा है कि अगर नाटो अपने 31वें सदस्य राष्ट्र के क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक या उपकरण तैनात करेगा, तो वह फिनलैंड की सीमा के पास अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा.

सैन्य अभ्यास आयोजित करने की संभावना से इनकार नहीं

फिनलैंड की मेंबरशिप तब आधिकारिक हो गई, जब इसके विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को प्रक्रिया को पूरा करने वाले डॉक्युमेंट्स सौंपे. नाटो की मेंबरशिप से संबंधित डॉक्युमेंट्स अमेरिकी विदेश विभाग के पास रहते हैं. ऐतिहासिक प्रक्रिया के पूरा होने से पहले नाटो महासचिव जनरल जेन स्टोलटेनबर्ग ने ब्रसेल्स में नाटो मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, फिनलैंड की सहमति के बिना फिनलैंड में और नाटो सैनिक नहीं भेजे जाएंगे. हालांकि, उन्होंने वहां और अधिक सैन्य अभ्यास आयोजित करने की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि नाटो रूस की मांगों को संगठन के निर्णयों को निर्धारित करने की अनुमति नहीं देगा.

4 अप्रैल 1949 को नाटो की स्थापना के लिए हस्ताक्षर

संबंधित घटनाक्रम नाटो की 74वीं वर्षगांठ के दिन हुआ. 4 अप्रैल 1949 को ही नाटो की स्थापना के लिए वाशिंगटन संधि पर हस्ताक्षर हुए थे. फिनलैंड के गठबंधन में शामिल होने वाले आग्रह को मंजूरी देने वाला तुर्किये नाटो का अंतिम देश है. उसने बीते बृहस्पतिवार को ऐसा किया. फिनलैंड के पड़ोसी स्वीडन ने भी नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन किया था. लेकिन, उसके गठबंधन में शामिल होने में कुछ वक्त लग सकता है.

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