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तीन दिन से हरिद्वार यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है, जिससे हाईवे और शहर के अंदर दिनभर बार-बार जाम लगने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान वाहनों के दबाव के चलते वाहन रेंग-रेंगकर चलते दिखे।
हरकी पैड़ी सहित तमाम गंगा घाट और बाजार श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। गंगा आरती के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ कम होनी शुरू हुई। बीते तीन दिन से हरिद्वार श्रद्धालुओं से पैक है। रविवार तक के लिए हरिद्वार के अधिकतर होटल और धर्मशालाओं में कमरे फुल हो गए थे। ठहरने के लिए कमरे नहीं मिलने से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर रात गुजारी।
शुक्रवार से ही सड़कों पर दिल्ली और एनसीआर के नंबरों के वाहनों की कतार दिखने लगी थी। शनिवार को हाईवे से लेकर शहर के अंदर सड़कों पर जाम रहा। हरकी पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों और मनसा देवी व चंडी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान गंगा घाटों पर हजारों लोगों ने डुबकी लगाई और मंदिरों में पूजा पाठ किया। रविवार को भी सुबह से ही हाईवे और शहर के अंदर यातायात का दबाव बढ़ने से जाम लगना शुरू हो गया था। हाईवे पर दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पास पुल, पंतदीप पार्किंग के समीप हाईवे, दूधाधारी चौक पर जाम लगा रहा। देर शाम तक यही स्थिति बनी रही।
ऋषिकेश में वीकेंड के अंतिम दिन नेपाली फार्म से लेकर तपोवन तक पर्यटक घंटों जाम में जूझते रहे। घर वापसी करने वाले पर्यटकों के वाहन गरुड़चट्टी से लेकर पशुलोक बैराज तक जाम में फंसे रहे। दोपहर तक करीब 3.36 लाख पर्यटक ऋषिकेश पहुंच गए। तीन दिनों में अब तक के रिकार्ड 11.50 लाख पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे। पुलिसकर्मी पर्यटकों के वाहनों को श्यामपुर बाईपास पर डाइवर्ट करते रहे, वाहन सड़क पर खिसकते हुए आगे बढ़ रहे थे। जाम धीरे-धीरे ढालवाला तक पहुंचा और फिर तपोवन तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इधर, दो दिनों तक राष्ट्रीय राजमार्ग और श्यामपुर बाईपास पर केवल आने वाले वाहनों का दबाव था।
रविवार को पहले से ऋषिकेश पहुंचे पर्यटकों की वापसी भी शुरू हो गई। इससे नीलकंठ-पशुलोक बैराज मार्ग पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। वापसी करने वाले पर्यटक भी आधा घंटे से एक घंटा तक जाम में फंसे रहे। खासकर छोटे बच्चों के साथ कैंपिंग करने आए पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रविवार दोपहर तक 3.36 लाख पर्यटक ऋषिकेश पहुंच चुके हैं। तीन दिनों में रिकॉर्ड 11.50 लाख पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे।
दिल्ली और हरियाणा से बड़ी संख्या में सीएनजी वाहनों से भी पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे। लंबे समय तक जाम में फंसे होने के कारण कई वाहनों की सीएनजी समाप्त हो गई। ऐसे में पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए। शहर के अंदर वाहन पहुंचने से अंदर की सड़कों पर जाम लग गया। वहीं, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, फूलचट्टी में 1800 राफ्ट गंगा में उतारी गईं। गंगा रिवर राफ्टिंग संचालन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि रविवार को 14,400 पर्यटकों ने राफ्टिंग की। बताया कि जाम के चलते करीब पांच से छह हजार पर्यटक राफ्टिंग प्वाइंट तक नहीं पहुंच पाए।
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