[ad_1]

अक्षय तृतीया 2023
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शुभ कर्मों का अक्षय फल देने वाला अक्षय तृतीया का त्योहार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर 22 अप्रैल को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी के साथ धन के देवता कुबेर की पूजा होगी। इस दिन खरीदारी के साथ ही शुभ कार्यों को करने का विधान है।
मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी और शुभ कर्मों के फल अक्षय होते हैं। इस दिन जप, तप, तर्पण और यज्ञ करने का भी विशेष महत्व होता है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया पर छह शुभ योग का निर्माण हो रहा है। त्रिपुष्कर योग सुबह 5:49 बजे से 7:49 मिनट तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग प्रात: काल से सुबह 9:26 बजे तक रहेगा।
अक्षय तृतीया के दिन खरीदें सामान
सौभाग्य योग सुबह 9:36 बजे से पूरी रात, रवि योग रात 11:24 बजे से 23 अप्रैल को सुबह 5:48 तक, सर्वार्थ सिद्धि योग रात 11:24 बजे से अगली सुबह 5:48 बजे तक और अमृत सिद्धि योग रात 11:24 बजे से अगले दिन 5:48 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया के दिन आप जो भी चीज घर में खरीदकर लाते हैं उसमें अक्षय वृद्धि होती है।
ये भी पढ़ें: खरमास खत्म होने के बाद भी नहीं होगा कोई मांगलिक कार्य, जानें- किस दिन से बजेगी शहनाई?
[ad_2]
Source link