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गोलियां बरसाने के बाद हमलावरों को काबू करती पुलिस
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
उमेश पाल हत्याकांड का राज उगलवाने के लिए चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की फिल्मी अंदाज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड को तब अंजाम दिया गया जब अतीक को मेडिकल के लिए पुलिस जीप से उतारकर अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी हमलावरों ने मीडियाकर्मी बनकर पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ते ही अतीक पर बाईं ओर से गोली दाग दी। जब तक पुलिस या साथ चल रहा उसका भाई अशरफ संभल पाता तब तक हमलावरों ने उस पर भी गोली दाग दी। गोली लगते ही दोनों ढेर हो गया। बताया जाता है कि गोली लगने के कुछ देर बाद तक अतीक में थोड़ी बहुत हरकत देखी भी गई, लेकिन अशरफ में गोली लगने के बाद बिल्कुल भी हरकत नहीं देखी गई। वहीं शहर के बीच मंडलीय अस्पताल के गेट पर सुरक्षा घेरे में हत्या की वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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