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शास्त्रों में बताया गया है कि सोम प्रदोष व्रत सर्व सुख प्रदान करता है और व्यक्ति को जन्म व मरण के बंधन से मुक्त करता है. जिस तरह एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है, उसी तरह त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है. लेकिन इस बार सोम प्रदोष तिथि पर पूरे दिन पंचक काल रहेगा. पंचक 15 अप्रैल 2023 को शाम 06 बजकर 44 मिनट पर शुरू हो रहे हैं. इसकी समाप्ति 19 अप्रैल 2023 को रात 11 बजकर 53 मिनट पर खत्म होगा. पंचक को अशुभ माना गया है, इसमें कई कार्य वर्जित होते हैं लेकिन शिव पूजा में पंचक का कोई असर नहीं होता.
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