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बदरीनाथ के दर्शनों के लिए लाइन में पहले स्थान पर बैठे कानपुर के राजीव शर्मा ने बताया कि वे पिछले 35 साल से प्रतिवर्ष बदरीनाथ धाम के दर्शन को पहुंचते हैं और सबसे पहले बदरीनाथ के दर्शन करते हैं। वे कहते हैं कि इस पावन धरती पर आकर मन, मस्तिष्क को सुकून मिल जाता है।
देहरादून के विकास शर्मा ने बताया वे 18 लोगों के ग्रुप में यहां पहुंचे हैं। हरिद्वार के बिट्टू पाल ने बताया कि वे पिछले पांच साल से प्रतिवर्ष बदरीनाथ धाम बाइक से पहुंचे हैं। केरल के सेक ने बताया कि वे पहली बार बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।
यहां आने का कार्यक्रम तीन सालों से बना रहे थे, आज भगवान ने मुराद पूरी कर ली है। हिमालय प्रदेश के शिमला निवासी विरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वे पिछले पांच सालों से प्रतिवर्ष बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं। यहां आकर सब दुख दूर हो जाते हैं। यहां बैठकर ठंड का एहसास भी नहीं हो रहा है।
भगवान श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज गुरुवार को सुबह 7ः10 बजे शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्वालुओं के लिए खोल दिए गए है। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई। कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए करीब 20 हजार श्रद्वालु धाम मौजूद थे।
कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
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