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रामायण में बनाए गए चित्र
– फोटो : अमर उजाला
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122 साल पहले प्रकाशित हुई उर्दू में लिखी रामायण और श्रीमद्भागवत गीता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के केंद्रीय पुस्तकालय में संरक्षित है। विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों ग्रंथों का डिजिटलाइजेशन करवा रहा है। केंद्रीय पुस्तकालय उपाध्यक्ष डॉ. जेए सिद्दीकी का दावा है कि देश में इससे पुरानी उर्दू में लिखी रामायण व श्रीमद्भागवत गीता कोई दूसरी नहीं है। डिजिटलाइजेशन के बाद दोनों ग्रंथों को ऑनलाइन किया जाएगा।
उर्दू में रामायण का लेखन महात्मा शिववृत्त लालजी ने किया है। इसका प्रकाशन 1901 में जेएस संत सिंह एंड संस लाहौरी दरवाजा लाहौर में हुआ था। इस रामायण में लेखक समेत छह स्कैच बने हैं।
इनमें जनकपुरी की पुष्पवाटिका में सीता का श्रीराम को देखना, धुनष भंग करते श्रीराम का चित्र, केवट का श्रीराम के चरण धोना, मेघनाथ का हनुमानजी को बंधक बनाकर रावण के दरबार में पेश करना और श्रीराम द्वारा रावण के वध के चित्र हैं।
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