World Asthma Day 2023: अस्थमा रोगी न पड़ें मछली खाने या पूर्णिमा की खीर के भ्रम में, डॉक्टरों ने बताया उपचार

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World Asthma Day 2023 Asthma patients  SN's head of department told the exact treatment

डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व अस्थमा दिवस दो मई यानी आज मनाया जा रहा है। इस मौके पर एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में अस्थमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्थिति के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी थीम ‘अस्थमा  केयर फॉर ऑल ‘ रही। इस दौरान नि: शुल्क स्पाइरोकैम्प का आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक मरीजों की जांच और स्वास्थ्य सलाह दी गई। 

इस कार्यक्रम में बोलते हुआ विभागाध्यक्ष डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शरद पूर्णिमा की खीर, मछली या फिर गर्म दिये से दागने के अवैज्ञानिक उपाय अस्थमा का उपचार नहीं हैं। ये महज एक प्रकार की भ्रांतियां हैं। ये उपचार उस समय दिए जाते हैं, जब इस बीमारी का असर कमजोर होता है। ऐसे में मरीजों को लगता है कि उन्हें आराम मिल गया है, लेकिन ऐसा नहीं है ये नियमित दवा न  लेने से ये बीमारी गंभीर होती जाती है। एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में इस दौरान नि: शुल्क स्पाइरोकैम्प का आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक मरीजों की जांच और स्वास्थ्य सलाह दी गई। इस दौरान क्रार्यक्रम संयोजक सनी यादव, कुशाल शाक्य, राजा यादव, रॉविन वर्मा आदि मौजूद रहे। 

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असाध्य बीमारी है  अस्थमा

डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अस्थमा को आम भाषा में दमा भी कहा जाता है। यह फेफड़ों को प्रभावित  करने वाली एक ऐसी असाध्य बीमारी है, जो अगर किसी व्यक्ति को हो जाए तो यह जिंदगी भर रहती है। आज विश्व अस्थमा दिवस इस लेख के माध्यम से हम आपको अस्थमा से जुड़ी समस्याओं और उपचार के बारे में बताएंगे।

 

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