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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण
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देहरादून में सहसपुर के पास स्थित शीशमबाड़ा को बंद किए जाने की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार को शहर के लिए वेस्ट मैनेजमेंट का समाधान तलाशने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकरण में देहरादून निवासी राजेंद्र गंगसारी ने एनजीटी में याचिका दाखिल कर प्लांट को बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने सुनवाई के दौरान एनजीटी को अवगत कराया कि शीशमबाड़ा प्लांट से ठोस व तरल अपशिष्ट के अवैध डंपिंग के कारण न केवल आसपास के निवासियों को गंभीर स्वास्थ्य का खतरा उत्पन्न हो गया है, बल्कि इससे आसन नदी और भूजल भी दूषित हो रहा है।
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