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शहीद नीलम सिंह
– फोटो : संवाद
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राजोरी के कंडी क्षेत्र में शुक्रवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में ज्यौड़ियां के गांव चक किरपाल पुर (दलपत) निवासी नीलम सिंह पुत्र गुरदेव सिंह चिब शहीद हो गए है। बेटे की शहादत की सूचना के बाद गांव में मातम है। शहीद नीलम सिंह सेना की नौ पैरा कमांडो में तैनात था।
नीलम सिंह शादीशुदा है और उसकी एक बेटी पवना देवी और बेटा अखिल सिंह है। छह मई को शहीद का दरिया चिनाब के किनारे पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले क्षेत्र के लोगों की तरफ से बाइक रैली निकाली जाएगी, जो शहीद नीलम सिंह के पार्थिव शरीर के साथ अखनूर से शहीद के घर तक जाएगी।
राजोरी में उत्तराखंड के जवान रुचिन सिंह रावत शहीद
केसरी हिल इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में उत्तराखंड के रुचिन सिंह रावत पुत्र राजेन्द्र सिंह, ग्राम कुनीगढ़, तहसील गैरसैंण निवासी भी शहीद हुए हैं। वह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी व चार वर्षीय बच्चे को छोड़ गए। शहीद रुचिन उधमपुर यूनिट में तैनात थे। वे 9 पैरा में कमांडो थे।
हिमाचल के दो जवान शहीद, क्षेत्र में शोक की लहर
आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में हिमाचल प्रदेश के दो जवानों ने भी शहादत दी है। सिरमौर जिले के शिलाई गांव के प्रमोद नेगी और कांगड़ा जिले के विकास खंड सुलह के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मरूहं के गांव चट्टियाला के उज्जवल सिंह और निर्मला देवी के घर पैदा हुए अरविंद कुमार (33) शहीद हो गए।
प्रमोद पैराट्रूपर थे, जो 9 पैरा रेजिमेंट में 2017 में भर्ती हुए थे। वह अपने पीछे माता तारा देवी, पिता देवेंद्र नेगी, छोटा भाई नितेश नेगी और बड़ी बहन मनीषा को छोड़ गए हैं। वहीं, अरविंद भारतीय सेना की 9 पैरा रेजीमेंट में पिछले 12 वर्षों से तैनात थे और श्रीनगर के कुपवाड़ा में सेवाएं दे रहे थे।
अरविंद अपने पीछे दो और चार साल की दो छोटी बेटियां, पत्नी बिंदु और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। एक जवान दार्जिलिंग के रहने वाले हैं। उनकी पहचान सिद्धांत क्षेत्री पुत्र खड़का बहादुर निवासी पुलबाजार पश्चिम बंगाल के तौर पर हुई है।
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